Reality Of Sports: विराट कोहली ने बताया कैसे मिली भारतीय बल्लेबाजों को 155 KMPH वाले गेंदबाजों को खेलने में मदद

Tuesday, 19 May 2020

विराट कोहली ने बताया कैसे मिली भारतीय बल्लेबाजों को 155 KMPH वाले गेंदबाजों को खेलने में मदद

Virat Kohli told how Indian batsmen got help to play 155 KMPH bowlers Image Source : GETTY IMAGES

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बताया कि थ्रोडाउन विशेषज्ञ डी राघवेंद्र की साइडआर्म से थ्रो की वजह से भारतीय बल्लेबाजों को पिछले कुछ समय से तेज गेंदबाजों को खेलने में मदद मिली है। कोहली ने बताया कि जब राघवेंद्र  साइडआर्म से थ्रो करते हैं तो गेंद बल्लेबाज की तरफ 150-155 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से आती है।

बता दें, साइडआर्म एक क्रिकेट उपकरण है जो लंबे चम्मच की तरह होता है और इसके एक हिस्से को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि इससे गेंद को पकड़ा जाए और तेज गति से फेंका जाए।

विराट कोहली ने यह बात बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल के साथ इंस्टाग्रा लाइव के दौरान कही। विराट कोहली ने कहा ‘‘मेरा मानना है कि इस भारतीय टीम ने 2013 से तेज गेंदबाजी का सामना करते हुए जो सुधार दिखाया है वह रघु (राघवेंद्र) के कारण है। खिलाड़ियों के फुटवर्क, बल्ले की मूवमेंट को लेकर उसे अच्छी समझ है। उसने अपने कौशल में इतना इजाफा किया है कि साइडआर्म के साथ आसानी से 155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंक सकता है।’’ 

ये भी पढ़ें - वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे पर जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा : होल्डर

कोहली ने आगे कहा,‘‘नेट पर रघु का सामना करने के बाद जब आप मैच में जाते हो तो आपको महसूस होता है कि गेंद खेलने के लिए आपके पास काफी समय है।’’ 

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैच के दौरान मैं कभी अपने ऊपर संदेह नहीं करता। प्रत्येक व्यक्ति की कमजोरियां होती हैं। नकारात्मक पक्ष होते हैं। इसलिए दौरों पर अभ्यास के दौरान अगर आपका सत्र अच्छा नहीं रहा तो आपको लगता है कि आप लय में नहीं हो।’’

अपने शॉट्स के बारे में बात करते हुए विराट कोहली ने कहा,‘‘मैं बदलाव किया क्योंकि मैं मैदानी शॉट खेलना चाहता था। स्थिर स्थिति के कारण मेरे पास सीमित विकल्प थे। मेरी सामान्य सी सोच है कि अगर आपके कूल्हे सही स्थिति में हैं तो आप कोई भी शॉट खेल सकते हो। स्थिर स्थिति मेरे अनुकूल नहीं थी।’’ 

ये भी पढ़ें - रोहित शर्मा ने बताया कैसे उन्हें मिला आईपीएल में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करने का मौका

कोहली ने कहा, ‘‘लेकिन यह काफी खिलाड़ियों के लिए काम करती है। जैस कि सचिन तेंदुलकर का स्टांस पूरे जीवन स्थिर रहा और उन्हें कभी कोई समस्या नहीं हुई। उसकी तकनीकी कहीं बेहतर थी और हाथ तथा आंख के बीच शानदार समन्वय था।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी जरूरत के हिसाब से बदलाव करने पड़े। मैं अपनी बल्लेबाजी में छोटी-छोटी चीजों को आजमाया क्योंकि जब तक आप परखोगे नहीं तब तक आपको पता नहीं चलेगा।’’ 

कोहली ने कहा कि खिलाड़ी जब तक नई चीजों को मैच के दौरान नहीं परखता तब तक वह कभी परफेक्ट नहीं बन सकता। भारतीय कप्तान ने कहा कि जहां तक तैयारी का सवाल है तो वह अपने खान-पान और फिटनेस को लेकर तय मानकों पर ही चलते हैं।

(With PTI Inputs)



from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/2WI5jZo

No comments:

Post a Comment

FIFA World Cup में बड़ा उलटफेर, 5 लाख की आबादी वाले केप वर्डे ने स्पेन को रोका, उरुग्वे-बेल्जियम भी नहीं जीत सके

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 5वें दिन कई चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले। वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे ने शानदार डिफेंस के दम प...