अपने जमाने में रणजी ट्राफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनर राजिंदर गोयल का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण रविवार को रोहतक में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। उनके निधन पर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर समेत कई क्रिकेटरों ने श्रद्धांजली दी है।
गांगुली ने कहा ‘‘हमने घरेलू क्रिकेट के दिग्गज को खो दिया। उनका रिकॉर्ड बताता है कि वे कितने शानदार गेंदबाज थे। वे 25 साल से ज्यादा क्रिकेट खेले। इससे पता चलता है कि खेल के लिए उनका समर्पण कितना ज्यादा था।’’
वहीं सचिन तेंदुलकर ने लिखा "राजिंदर गोयल जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ! वह रणजी ट्रॉफी में 600 से अधिक विकेट लेने वाले भारतीय घरेलू क्रिकेट के दिग्गज थे। उसकी आत्मा को शांति मिले और उनके निकट और प्रिय लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।"
Saddened to hear about the passing away of Rajinder Goel ji! He was a stalwart of Indian Domestic Cricket picking up more than 600 wickets in the Ranji Trophy.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) June 22, 2020
May his soul Rest in Peace and my heartfelt condolences to his near and dear ones. 🙏🏼 pic.twitter.com/hqDoSsoL5y
भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने ट्वीट करते हुए लिखा "शानदार गेंदबाज, जिसने सटीक लाइन लेंथ से हमेशा बल्लेबाजों को परेशान किया। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार को सांत्वना।"
RIP #RajinderGoel ji. Master of his craft. Killer line & length in our terrain. Humility personified. Condolences to the entire family 🙏 pic.twitter.com/C3YJNPob1e
— Ravi Shastri (@RaviShastriOfc) June 21, 2020
भारतीय टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा "बेहत विनम्र इंसान, 750 फर्स्ट क्लास क्रिकेट लिए, लेकिन कभी भारत के लिए नहीं खेले। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।"
A very simple, humble man. Highest wicket taker in his last first class season. 750 First- class wickets but never played for India. Was India’s loss. Rajinder Goel ji ko vinamra Shraddhanjali. Om Shanti pic.twitter.com/qTYvalr1nU
— Virender Sehwag (@virendersehwag) June 21, 2020
राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद गोयल 1958-59 से 1984-85 तक घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे। इन 26 सत्र में उन्होंने हरियाणा की तरफ से रणजी ट्राफी में 637 विकेट लिये जो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रिकार्ड है। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल 157 मैच खेलकर 750 विकेट लिये। वह बेदी थे जिन्होंने उन्हें बीसीसीआई पुरस्कार समारोह में सीके नायुडु जीवनपर्यंत उपलब्धि सम्मान सौंपा था।
गोयल में लंबे स्पैल करने की अद्भुत क्षमता थी। जिस पिच से थोड़ी भी मदद मिल रही हो उस पर उन्हें खेलना नामुमकिन होता था। वह इतने लंबे समय तक खेलते रहे इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि वह विजय मांजरेकर के खिलाफ भी खेले और उनके बेटे संजय के खिलाफ भी। उन्हें 1974-75 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बेंगलुरू में टेस्ट मैच के लिये टीम में चुना गया था। वह 44 साल की उम्र तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे।
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/3dtYyzT
No comments:
Post a Comment