लीवरपूल। जोर्डन हेंडरसन प्रीमियर लीग ट्रॉफी उठाने वाले लीवरपूल के पहले कप्तान बने लेकिन इस दौरान स्टेडियम में इस एतिहासिक लम्हे को देखने के लिए प्रशंसक मौजूद नहीं थे। एनफील्ड स्टेडियम का अधिकांश हिस्सा खाली था और जब स्टेडियम की छत से आतिशबाजी हुई तो हर जगह लाल धुआं छा गया।
लिवरपूल पिछली बार इंग्लैंड का चैंपियन 1990 में बना था जबकि प्रीमियर लीग की शुरुआत 1992 में हुई। सरकार ने हालांकि अंतिम लम्हों से कुछ छूट दी जिससे खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य स्टेडियम के अंदर इस एतिहासिक क्षण के गवाह बन सके।
30 साल के लंबे इंतजार के बाद लिवरपूल एक बार फिर इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब जीतने में सफल रहा। कोरोनावायरस के कहर के बीच जब इस लीग की पुनः शुरुआत हुई तो तस्वीरें लगभग साफ हो गई थी की इस बार लिवरपूल ही इस बार चैंपियन बनेगा, लेकिन पिछले कुछ मैचों से मैनचेस्टर सिटी ने लिवरपूल का यह इंतजार बढ़ाया हुआ था।
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जब चेल्सी बनाम मैनचेस्टर सिटी के मैच में आखिरी सीटी बजी तो लिवरपूल के फैन्स की बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी। चेल्सी ने दूसरे स्थान पर बनी मैनचेस्टर सिटी को 2-1 से मात दी थी।
लिवरपूल ने ऐसे समय में यह खिताब जीता जबकि कोरोना वायरस के कारण लीग लगभग तीन महीने तक ठप्प रही और इसके बाद मैचों का आयोजन खाली स्टेडियम में किया जा रहा है।
लिवरपूल के मैनेजर जर्गेन क्लॉप ने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ा क्षण है। मैं बेहद खुश हूं।’’ मैच में चेल्सी की तरफ से क्रिस्टियन पुलिसिच ने 36वें मिनट में जबकि विलियन ने 78वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किया।
यह पेनल्टी चेल्सी को फर्नाडिन्हो की गलती से मिली जिन्हें लाल कार्ड दिखाया गया था। सिटी की तरफ से केविन डि ब्रूएन ने 55वें मिनट में गोल दागा था। एक अन्य मैच में आर्सनल ने एडी निकिटिया (20वें) और जो विलोक (87वें मिनट) के गोल की मदद से साउथम्पटन को 2-0 से हराया।
स्टैनफोर्ड ब्रिज पर अंतिम सीटी बजते ही कुछ दर्जन प्रशंसक लिवरपूल के स्टेडियम एंफील्ड के बाहर आतिशबाजियों के साथ जश्न मानते देखे गए।
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