जकार्ता: भारत के कुराश दल के सदस्यों के पास अपनी किट्स का भुगतान करने के लिये पैसा नहीं था लेकिन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद युवा पिंकी बलहारा और मालाप्रभा यलप्पा जाधव एशियाई खेलों में रजत और कांस्य पदक जीतने में सफल रही। पिंकी की कहानी बेहद दिलचस्प है। टीम को 20 दिन के अभ्यास शिविर के लिये उज्बेकिस्तान जाना था और इसके लिये उनके गांव वालों ने मदद की। from Khabar IndiaTV: sports Feed https://ift.tt/2oixZWW
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