<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> रूस में जारी फीफा वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में जीत से उत्साहित स्वीडन आज ग्रुप-एफ में मौजूदा चैंपियन जर्मनी के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. स्वीडन इस मैच में अपने 60 साल के सूखे को समाप्त करना चाहेगा. दूसरी तरफ पहले मैच में हार झेलने वाली जर्मनी वापस की कोशिश करेगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहले मुकाबले में कोरिया को दी थी मात</strong></p> <p style="text-align: justify;">स्वीडन ने वर्ल्ड कप के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया था और जिसकी बदौलत टीम तीन अंक लेकर ग्रुप-एफ में शीर्ष पर है. वहीं मेक्सिको से अपना पहला मैच हारने के बाद जर्मनी ग्रुप में तीसरे नंबर पर है और अंतिम-16 में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए स्वीडन के खिलाफ होने वाले मैच में उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. जर्मनी की टीम अगर स्वीडन के खिलाफ हार जाती है और मेक्सिको अगर कोरिया से जीत जाता या फिर ड्रॉ भी खेल जाता है तो मौजूदा चैंपियन जर्मनी टूर्नामेंट से लगभग बाहर हो जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;">स्वीडन ने अपने पहले मैच में दूसरे हाफ में पेनाल्टी पर कप्तान आंद्रेयास ग्रैंक्विस्ट की ओर से किए गए गोल के दम पर स्वीडन ने दक्षिण कोरिया को 1-0 से मात दी थी. टीम चाहेगी कि ग्रैंक्विस्ट जर्मनी के खिलाफ भी यह करिश्मा करे और स्वीडन को अंतिम-16 का टिकट दिलाए. ग्रैंक्विस्ट 2002 में हेनरिक लार्सेन के बाद वर्ल्ड कप में पेनाल्टी पर गोल करने वाले पहले स्वीडिश खिलाड़ी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">स्वीडन के लिए एलेक्जेंद्र जॉनसन ने मैच से पहले टीम के साथ कल अभ्यास किया था और वह मुकाबले में टीम का हिस्सा हो सकते हैं. जॉनसन बीमार होने के कारण दक्षिण कोरिया के खिलाफ पहले मैच में नहीं खेल पाए थे. शुक्रवार को टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ियों ने मैदान में अपना पसीना बहाया जबकि बाकी खिलाड़ियों ने जिम में अभ्यास किया था. स्वीडन अगर मुबाबले में जीत हासिल करने में सफल रहती है तो वर्ल्ड कप में 60 साल बाद जर्मनी के खिलाफ उसकी यह लगातार दूसरी जीत होगी. स्वीडन ने वर्ल्ड कप में आखिरी बार जर्मनी को 1958 में अपनी मेजबानी में हुए वर्ल्ड कप में हराया था. स्वीडन के विक्टर क्लेसन को किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन से बचना होगा अन्यथा अगले मैच में उनका खेलना मुश्किल हो सकता है. क्लासेन को पहले मैच में येलो कार्ड मिल चुका है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अपना पहला मैच हार चुकी है जर्मनी</strong></p> <p style="text-align: justify;"> दूसरी तरफ पहला मैच हारने के बाद मौजूदा चैंपियन जर्मनी पर अगले राउंड में प्रवेश करने को लेकर दबाव बढ़ गया है. जर्मन फारवर्ड थॉमस मुलर भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं. टीम को अपने पहले मैच में इर्विग लोजानो के एकमात्र गोल की बदौलत मेक्सिको से 0-1 से मात खानी पड़ी थी. जर्मनी को इस मैच में 65वें और 78वें मिनट में गोल करने का मौका मिला था लेकिन उसके खिलाड़ी चूक गए थे. टीम चाहेगी कि वह अपनी पिछली गलतियों में सुधार कर स्वीडन के खिलाफ मुकाबले में उतरे. मैच में सबकी निगाहें मेटस हुमेल्स और थॉमस मुलर पर होगी जिन्हें पहले मैच में येलो कार्ड मिल चुका है. इन दोनों खिलाड़ियों को अगर इस मैच में भी येलो कार्ड मिलता है तो वे अगले मैच से निलंबित हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">वर्ल्ड कप में जर्मनी और स्वीडन अब तक चार बार आमने-सामने हो चुके हैं जिसमें तीन बार बाजी जर्मनी के हाथ लगी है जबकि एक बार स्वीडन जीतने में कामयाब रहा है.</p>
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