Former Futsal star Lecco dies of Flamingo due to covid-19 infection Image Source : GETTY IMAGES
रियो डी जनेरियो। मौजूदा ब्राजीलियन सेरी-ए लीग चैंपियन फ्लेमिंगो ने अपने पूर्व फुटसाल खिलाड़ी एलेक्स बरबोसा परेरा लेको को श्रद्धांजलि दी है, जिनकी कोविड-19 संक्रमित होने से मौत हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, लेको के नाम से मशहूर परेरा को दो सप्ताह पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लेको के एक करीबी दोस्त मार्सेर्लो रोडिग्वेज ने ग्लोबो न्यूज से कहा, " उनकी पहली दो कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन तीसरी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई थी।"
लेको को 1990 के दशक में ब्राजील का शानदार फुटसाल खिलाड़ी माना जाता था।
फ्लेमिंगो क्लब ने एक बयान में कहा, " बहुत दुख के साथ हमें यह कहना पड़ रहा है कि हमारे पूर्व फुटसाल खिलाड़ी एलेक्स परेरा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके परिवार और दोस्तों प्रति हमारी एकजुटता है। हम अपनी शोक संवदेनाएं प्रकट करते है।"
पाकिस्तान के दागी तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने वाला वह न तो पहला खिलाड़ी है और न ही आखिरी लिहाजा क्रिकेट बोर्ड को उसके साथ बेहतर बर्ताव करके दूसरों की तरह एक मौका और देना चाहिये था। आसिफ पर पाकिस्तान टीम के 2010 के इंग्लैंड दौरे पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के कारण सात साल का बैन लगाया गया था।
वह ब्रिटेन में जेल में भी रहा। आसिफ ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा ,‘‘हर कोई गलती करता है और मैने भी की। मुझसे पहले और बाद में भी लोगों ने फिक्सिंग की लेकिन मुझसे पहले करने वाले पीसीबी के साथ काम कर रहे हैं और मेरे बाद वाले अभी भी खेल रहे हैं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हर किसी को दूसरा मौका दिया गया लेकिन मेरे जैसे कुछ को वह नहीं मिला पीसीबी ने मुझे बचाने की कभी कोशिश नहीं की जबकि मैं ऐसा गेंदबाज था जिसे दुनिया भर में सम्मान हासिल था।’’
उन्होंने कहा, ''मैं भी जितना भी खेला उसमें मैंने अपना बेहतरीन किया, दुनिया हिला कर रख दी थी, यह मेरे लिए यही महत्वपूर्ण है। इतने सालों के बाद भी मेरे दौर के बल्लेबाज आज भी मेरे बारे में बात करते हैं।''
आसिफ ने कहा, ''मैं बस यह सोचता हूं कि विश्व क्रिकेट में मेरा क्या प्रभाव था। केविन पिटरसन, एबी डिविलियर्स और हासिम अमला जैसे दिग्गज बल्लेबाज मेरे बारे में बात करते हैं यही मेरे लिए खुशी की बात है।''
स्पॉट फिक्सिंग ही नहीं साल 2006 में आसिफ डोप टेस्ट में फेल के कारण भी एक साल के लिए सस्पेंड हुए थे और उन्होंने माना था कि उनसे गलती हुई है और उन्हें प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ''मैं आज के क्रिकेटरों को यह संदेश देना चाहता हूं कि जब आप अपनी सीमा से बाहर जाकर कुछ काम करते हैं तो हमेशा ध्यान रहे कि वह आपके और टीम दोनों के हित में होना चाहिए। मैं एक गेंदबाज के तौर पर स्वार्थी था, क्योंकि में अधिक से अधिक विकेट लेना चाहता था तभी टीम को जीत मिलती। स्वार्थी होना बुरी बात नहीं है लेकिन तभी तक जब तक की वह अपनी हद में रहे।''
आपको बता दें मोहम्मद आसिफ ने 23 टेस्ट, 38 वनडे और 11 टी-20 मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कुल 106 विकेट हासिल किए जबकि वनडे में उन्हें 46 और टी-20 में 13 विकेट मिले।
Sachin Tendulkar's coolness was the main reason for the 2011 World Cup win - Suresh Raina Image Source : GETTY IMAGES
2 अप्रैल 2011, यह वही तारीख है जब टीम इंडिया ने 28 साल का सूखा खत्म कर वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। फाइनल मैच में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से मात देकर यह मैच जीता था और इस मैच में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने नाबाद 91 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी। धोनी को इस पारी की वजह से मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया था। वहीं पूरे टूर्नामेंट में धाकड़ परफॉर्मेंस देने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द सीरीज बने थे।
इन दोनों खिलाड़ियों का टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जीताने में अहम किरदार था, लेकिन विनिंग टीम के खिलाड़ी सुरेश रैना का कुछ और ही मानना है। रैना के अनुसार सचिन तेंदुलकर की कूलनेस इस वर्ल्ड कप जीतने का प्रमुख कारण थी।
सुरेश रैना ने खलीज टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सचिन के बारे में बात करते हुए कहा, ''वह बेहद कूल खिलाड़ी हैं। केवल उनकी ही वजह से हम विश्व कप जीत सके थे।''
रैना ने आगे कहा, ''उन्होंने ही हर खिलाड़ी को एक कोच की तरह यह विश्वास दिलाया कि हम सब ऐसा कर सकते हैं। वह टीम के दूसरे कोच की तरह दिखाई पड़ रहे थे।''
बता दें, सचिन तेंदुलकर पूरे टूर्नामेंट में 9 मैचों में 482 रन बनाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे थे। उन्होंने 53.55 औसत और 91.98 की स्ट्राइक रेट से ये रन बनाए थे।
क्रिकेट के मैदान पर वापसी के लिए बेताब इंग्लैड के विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज जेसन रॉय का मानना है कि तैयारी का समय नहीं होने पर अक्टूबर-नवंबर में होने वाला टी20 विश्व कप स्थगित कर देना चाहिये । कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में क्रिकेट समेत सभी खेल ठप हैं और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं ।
रॉय ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा ,‘‘ यदि खिलाड़ी तैयारी नहीं कर पाते हैं और हम ऑस्ट्रेलिया नहीं जा पाते हैं तो इसे स्थगित करना ही ठीक होगा ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘लेकिन विश्व कप होता है तो हमारा काम क्रिकेट खेलना है । अगर कहा जाता है कि तैयारी के लिये तीन ही हफ्ते हैं तो घर पर तैयारी करके भी हम खेलेंगे ।’’
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भी एक जुलाई तक क्रिकेट पर रोक लगा दी है । रॉय खेलने के लिये बेकरार हैं लेकिन कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है । उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे ईसीबी पर पूरा भरोसा है । वे सभी पहलुओं पर विचार करेंगे और हमें उनकी बात पर भरोसा करना चाहिये । मैं इयोन मोर्गन से बात करूंगा और देखूंगा कि वह क्या सोचता है ।’’
उन्होंने कहा कि दर्शकों के बिना खेलने में भी उन्हें ऐतराज नहीं है । उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहता हूं । दोबारा मैदान पर लौटने का अहसास अद्भुत होगा । मैं फिर एक बच्चे की तरह महसूस कर रहा हूं ।’’
ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी निक कर्गियोस ने रफेल नडाल को रविवार को वीडियो चैट पर जुड़ने का न्यौता दिया जबकि कोर्ट पर दोनों के संबंध हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं । कोरोना वायरस महामारी के कारण टेनिस सत्र 13 जुलाई तक बंद है लिहाजा खिलाड़ी एक दूसरे से सोशल मीडिया पर बातचीत कर रहे हैं ।
बीबीसी ने रविवार को पूछा था कि किन खिलाड़ियों को एक दूसरे से बात करते देखना चाहेंगे, इस पर किर्गियोस ने कहा ,‘‘ राफा (नडाल) चलो साथ में इंस्टाग्राम लाइव करते हैं । ’’
दोनों के बीच टेनिस कोर्ट पर मुकाबले अक्सर तनावपूर्ण रहे हैं ।
आपको बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनियाभर में खेल आयोजन ठप्प पड़ चुके हैं। ऐसे में इस समय अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ी सोशल मीडिया के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
हाल ही में दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर के साथ राफेल नडाल ने इस्टाग्राम लाइव चैट किया था जिसमें उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपने-अपने अनुभवों को साझा किया था।