Reality Of Sports

Tuesday, 5 May 2020

शेन वॉर्न की बात पर असहमति जताते हुए बोले चेतन शर्मा, 'क्रिकेट को ना बनाएं सर्कस'

Chetan Sharma, while expressing disagreement on Shane Warne, said, 'Don't make cricket a circus' Image Source : GETTY

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पिछले काफी दिनों से खेल गतिविधियां ठप पड़ी है, हालांकि अब कुछ देशों में फुटबॉल, गोल्फ जैसे खेल खेलने की अनुमति मिल गई है। इस महामारी की वजह से क्रिकेट लेकिन अभी तक ठप पड़ा है। पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही है कि क्रिकेट की दोबारा वापसी के दौरान लार और पसीने पर बैन लगाया जाए ताकी खिलाड़ी इस बीमारी से दूर रह सकें। इसके बदले आईसीसी गेंद को चमकाने के लिए किसी अन्य चीज का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।

आईसीसी के इस विचार से कुछ खिलाड़ियों ने सहमति जाताई है तो कुछ खिलाड़ियों का कहना है कि गेंदबाजों के लिए यह नाइंसाफी है। वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई पूर्व लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने गेंद को एक तरफ से भारी बनाने की सलाह दी थी। वॉर्न ने कहा था कि ‘‘गेंद को एक तरफ से भारी क्यों नहीं बनाया जा सकता ताकि ये हमेशा स्विंग लें। यह एक टेप लगाई हुई टेनिस गेंद या लॉन बॉल की तरह रहेगी।’’ 

वॉर्न के इस सुझाव से भारतीय पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने असहमति जताई है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में चेतन ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम मामले को ज्यादा पेचीदा बना रहे हैं। क्रिकेट को जैसा है वैसा ही रहने दें। इसे सर्कस न बनाएं। मेरे विचार से जब यह महामारी खत्म होगी क्रिकेट फिर वहीं से शुरू होगा। अगर किसी मैच में खेल रहे सभी क्रिकेटर नेगेटिव मिलते हैं तो फिर क्या समस्या है? यही एक तरीका है। खेल में ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है।'

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उन्होंने कहा, 'गेंद पर लार या पसीना ना लगाने की यह बहस अव्यवाहारिक है। अपने होंठों और माथे को हाथ लगाना इंसानी स्वभाव का हिस्सा है। इसी तरह जब आप गेंद को छूते हैं, उस पर आपका लार और पसीना होगा। जब आपका मुंह सूख जाता है या आप पानी पीते हैं तो क्या अपने मुंह पर हाथ नहीं लगाते? इससे बचा नहीं जा सकता।'

उन्होंने कहा, 'गेंद की चमक से स्पिनर्स को ड्रिफ्ट हासिल करने में मदद मिलती है। अगर विकेट में टर्न है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर अच्छी बल्लेबाजी विकेट है तो स्पिनर्स को भी शाइन की जरूरत होती है जिससे वे बल्लेबाजों को चमका दे सकें।'



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ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की जीत को रवि शास्त्री ने बताया सबसे खास

Indian Cricket Team Image Source : TWITTER

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री साल 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज में मिली जीत को अपने करियर का सबसे यादगार पल करार दिया। भारतीय टीम 71 साल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज में मात दी थी। भारत एशिया की पहली टीम है जो यह कारनामा किया। इस टेस्ट सीरीज के अलावा शास्त्री ने साल 1985 में लिमिटेड ओवर्स के लिए अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे को भी याद किया।

'सोनी टेन' के एक कार्यक्रम में बात करते हुए शास्त्री ने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मैं एक कोच के अलावा साल 1985 में एक खिलाड़ी के तौर भी पर भारतीय टीम का हिस्सा रह चुका हूं। मेरे लिए यह एक शानदार एहसास है। 2018-19 में विराट कोहली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराना काफी मुश्किल था। क्योंकि 71 सालों में कोई भी एशियाई टीम ऐसा नहीं कर पाई थी लेकिन 1985 में जो भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज खेलने गई थी वह मौजूदा टीम से भी बेहतर थी। हालांकि मैं दोनों ही टीमों का हिस्सा रह चुका हूं और दोनों ही जीत मेरे लिए खास है।''

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आपको बता दें कि भारतीय टीम 2018-19 में कोहली के नेतृत्व में चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी। यहां भारतीय टीम को पहले ही मैच में 34 रनों से हार का सामना करना पड़ा था और यह ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 1000वीं इंटरनेशनल जीत थी। इस हार के बाद भारतीय टीम ने धमाकेदार वापसी की और सीरीज 2-1 से अपने नाम किया। इस तरह टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने वाली पहली ऐशियाई टीम बनी।

इसके अलावा शास्त्री ने साल 1985 में वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई उस भारतीय टीम का भी जिक्र किया में जिसने कंगारू टीम को करारी मात दी थी।

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शास्त्री ने कहा, ''मैं कपिल देव की कप्तानी में साल 1983 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहा हूं और 1985 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम का भी, दोनों में काफी अंतर है। मैं तो यह सकता हूं कि 1985 में जो भारती टीम थी वह आज के मौजूदा टीम से भी बेहतर थी।''

उन्होंने कहा, ''इस पर किसी तरह का कोई सवाल नहीं उठता है। वह टीम (1985) सफेद गेंद क्रिकेट में किसी भी टीम को हरा सकती थी। वह एक बेहतरीन टीम थी।''

शास्त्री ने कहा, ''अगर आप उस टीम की तुलना 1983 विश्व कप टीम से करेंगे तो आप देखेंगे कि उसमें 80 प्रतिशत खिलाड़ी वही हैं जो विश्व कप टीम में थे लेकिन कुछ नए युवा खिलाड़ी टीम में आए जिन्होंने खेल के अंदाज को पूरी तरह से बदल कर दिया था। इसमें खास तौर से शिवरामाकृष्णन, सदानंद विश्वनाथ और अजहरुउद्दीन जैसे खिलाड़ी शामिल थे।

 



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Virat Kohli, Anushka Sharma Mourn Death Of Their Pet Dog "Bruno"

Virat Kohli on Wednesday paid tribute to his pet dog Bruno who died after gracing the Team India captian's life for 11 years.

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अभ्यास सत्र से पहले खिलाड़ियों को कोरोना टेस्ट कराने को तैयार हुआ बार्सिलोना

Barcelona ready to conduct corona test to players before practice session Image Source : GETTY IMAGES

मैड्रिड। स्पेन सरकार ने लॉकडाउन में कुछ छूट दी है और जिसमें सोमवार से फुटबॉल अभ्यास की अनुमति देना भी शामिल है। लेकिन अभ्यास से पहले स्पेन के पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ियों का इस सप्ताह कोरोना वायरस के लिये परीक्षण होगा ताकि वे दो महीने में पहली बार अभ्यास शुरू कर पाएं। इस परीक्षण के लिए बार्सिलोना तैयार है, उन्होंने कहा है कि बुधवार को उनके खिलाड़ियों को परीक्षण कराया जाएगा।

इस बीच ला लिगा क्लबों ने अगले महीने सत्र की प्रस्तावित शुरुआत से पहले सीमित अभ्यास शुरू कर दिया है। रीयाल मैड्रिड और एटलेटिको मैड्रिड भी बुधवार को अपने खिलाड़ियों का परीक्षण करेगा। 

इन क्लबों की इस सप्ताह के आखिर में मैदान पर व्यक्तिगत अभ्यास शुरू करने की योजना है। ला लिगा प्रत्येक क्बल की सुविधाओं की जांच कर रहा है कि क्या वे कड़े चिकित्सा नियमों का पालन कर रहे हैं। 

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एक बार मंजूरी मिलने के बाद क्लब खिलाड़ियों को अकेले अभ्यास की अनुमति दे सकते हैं। इसके बाद छोटे समूहों और आखिर में टीम सत्र का आयोजन करने की योजना है। 

(With PTI Inputs)



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Coronavirus: Golf Industry Sets Three-Stage To Reopening US Courses

US golf industry leaders unveiled a three-stage plan on Tuesday to reopen courses with safety protocols in the wake of the coronavirus pandemic.

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विश्व तीरंदाजी ने आंशिक बेरोजगारी के अंदर शामिल किए अपने 13 कर्मचारी

World Archery inducts 13 employees inside partial unemployment Image Source : GETTY IMAGES

कोलकाता। कोविड-19 महामारी के कारण वित्तीय नुकसान झेल रही तीरंदाजी की सर्वोच्च संस्था विश्व तीरंदाजी ने लुसाने मुख्यालय में काम करने वाले अपने सभी 13 कर्मचारियों को ‘अस्थायी आंशिक बेरोजगारी’ कार्यक्रम में शामिल कर दिया है जिसके तहत उनके वेतन के अधिकतर हिस्से का भुगतान स्विस सरकार को करना होगा। 

टोक्यो 2020 ओलंपिक स्थगित होने के बाद विश्व तीरंदाजी के कार्यकारी बोर्ड ने 31 अगस्त तक अपनी सभी प्रतियोगिताएं निलंबित कर दी। इससे महासंघ को बहुत अधिक नुकसान हुआ। 

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विश्व तीरंदाजी के प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा कि ओलंपिक से होने वाली कमाई के अलावा प्रसारकों और प्रायोजकों के अनुबंध भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने कर्मचारियों को आंशिक बेरोजगारी के अंतर्गत रख दिया है।’’



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पूर्व कप्तान वीरेन रासकुइन्हा ने अनुसार लॉकडाउन के बाद खिलाड़ियों के सामने होगी ये चुनौती

Former captain Viren Rasquinha said that the players will face this challenge after the lockdown  Image Source : GETTY IMAGES

चेन्नई। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रासकुइन्हा ने मंगलवार को कहा कि खिलाड़ी जब कोरोना वायरस लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद वापसी करेंगे तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फिटनेस को बरकरार रखने की होगी। 

इस पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी ने कहा,‘‘खिलाड़ी जब लॉकडाउन के बाद अभ्यास शुरू करेंगे तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पुरानी फिटनेस को हासिल करना होगी। लंबे विश्राम से मांसपेशियों पर असर पड़ता है।’’ 

रासकुइन्हा ने टोक्यो ओलंपिक तक खिलाड़ियों के लिये खेल मनोवैज्ञानिक रखने की जरूरत भी बतायी। तोक्यो ओलंपिक को अभी एक साल के लिये स्थगित कर दिया गया है। 

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उन्होंने कहा,‘‘कुछ खिलाड़ियों को अपनी पुरानी स्थिति में लौटने के लिये खेल मनोवैज्ञानिक की मदद लेने की जरूरत भी पड़ सकती है।’’ 



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बाबर आजम बीच मुकाबले से बाहर, कप्तान को लगी चोट से पाकिस्तान को नुकसान

बाबर आजम इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले चोटिल हो गए हैं। टीम अभी तीन दिन का वॉर्मअप मैच खेल रही है, इसमें...