क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है। जिसमें पलक झपकते क्या घटित हो जाए इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। इस तरह अगले पल कोई अनहोनी ना हो इसके लिए फैंस से लेकर खिलाड़ी तक सभी दुआएं करते हैं। इतना ही नहीं इससे पार पाने के लिए खिलाड़ी तमाम तरह के टोने-टोटकों पर भी विश्वास करते हैं। जिसके बारे में खुद क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि वो इस खेल में अक्सर टोने-टोटकों को आजमाया करते थे। जिसका जीता जागता उदाहरण विश्व कप 2011 के फाइनल मुकाबलें में वीरेंद्र सहवाग को बाथरूम तक ना जाने देना था। सहवाग ने इस बात का बाद में खुलासा किया था और टीम इंडिया खिताब की प्रबल दावेदार बनी थी। from India TV: sports Feed http://bit.ly/2wltwqE
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