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Tuesday, 7 July 2020

'जन्मदिन मुबारक हो दादी', कुछ इस अंदाज में सचिन तेंदुलकर ने गांगुली को किया बर्थडे विश

'Happy birthday Dadi', in this way Sachin Tendulkar wished Sourav Ganguly on his birthday Image Source : TWITTER/@SACHIN_RT

भारतीय पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर गांगुली को बधाई देने का तांता लगा हुआ है। उनके फैन्स समेत साथी खिलाड़ी भी उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। इसी बीच सचिन तेंदुलकरने भी उन्हें एक बार फिर दादी कहकर शुभकामनाएं दी।

सचिन तेंदुलकरने ट्वीट करते हुए लिखा 'जन्मदिन मुबारक हो दादी, आशा है मैदान के बाहर भी हमारी पार्टनरशिप वैसी ही मजबूत रहेगी जैसी मैदान के अंदर थी। आपको आने वाले साल की शुभकामनाएं।'

सचिन के अलावा भी कई क्रिकेटरों ने दादा को इस खास दिन की शुभकामनाएं दी। देखें ट्वीट्स

गांगुली ने भारत के लिए कुल 113 टेस्ट और 311 वनडे मैच खेले जिसमें उन्होंने क्रमश: 7212 और 11363 रन जड़े। दादा के नाम वर्ल्ड कप में भारत की ओर से एक पारी में सबसे अधिक 183 रन बनाने का रिकॉर्ड भी है।

वहीं वनडे क्रिकेट में गांगुली 10 हजार रन के आंकड़े को पार करने वाले तीसरे सबसे तेज खिलाड़ी भी हैं। गांगुली ने अपने वनडे करियर में कुल 22 शतक लगाए हैं जिसमें से उन्होंने 18 शतक विदेशी सरजमीं पर ठोंके थे।

विदेशी सरजमीं पर गांगुली की बल्लेबाजी के साथ साथ उनकी कप्तानी भी सफल हुई थी। गांगुली ने भारत के बाहर कुल 28 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है जिसमें से 11 मैच वो जीतने में सफल रहे हैं। गांगुली ने साल 2000 में टीम इंडिया की कमान संभाली जब टीम पर फिक्सिंग जैसे आरोप लग रहे थे। दादा ने इसकी परवाह किए बिना अपने बेबाक फैसलों से एक नई टीम खड़ी की और युवा खिलाड़ियों में जीतने के ललक पैदा की। गांगुली ने जब टीम इंडिया की कमान संभाली तो आईसीसी रैंकिंग में भारत 8वें पायदान पर था। 

गांगुली ने अपनी कप्तानी में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता बनाया। भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को मात देकर पहुंचा था। लेकिन फाइनल मैच बारिश के कारण धुल गया और टीम इंडिया को खिताब श्रीलंका के साथ साझा करना पड़ा।

इसके बाद दादा ने इंग्लैंड में नेटवेस्ट सीरीज में अपनी दादागिरी दिखाई। लॉर्ड्स के मैदान पर उनके शर्ट उतारकर जीत मनाने के अंदाज को भले ही कौन भुला सकता है। 13 जुलाई 2002 को भारत और मेजबान इंग्लैंड के बीच नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था। इस मुकाबले को मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह की जूझारू पारी की मदद से भारत ने जीता और गांगुली ने बालकनी में ही शर्ट लहराकर जीत की खुशी मनाई। गांगुली ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि इससे पहले जब इंग्लैंड भारत दौरे पर आई थी तो एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने शर्ट उतारकर जीत का जश्न मनाया था।

इसके बाद दादा ने वर्ल्ड कप 2003 के फाइनल में भारत को पहुंचाया। इस वर्ल्ड कप में भारत ने फाइनल मुकाबले से पहले कुल 10 मैच खेले थे जिसमें से 9 मैच टीम जीतने में सफल रही थी। एक मैच जो भारत ने हारा था वो ऑस्ट्रेलिया से ही हारा था। ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 विकेट से करारी मात दी थी। 1983 वर्ल्ड कप के बाद पहली बार भारत फाइनल में पहुंचा था। हर कोई भारत से जीत की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन गत विजेता ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल मैच में भी शानदार प्रदर्शन किया और भारत को 125 रन से मात दी। यह हार आज भी भारतीय फैन्स को कांटे की तरह चुबती है। इस हार के बावजूद गांगुली के प्रति फैन्स का सम्मान ओर बढ़ गया।



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चेल्सी ईपीएल में तीसरे स्थान पर पहुंचा, आर्सनल को लीस्टर ने बराबरी पर रोका

Chelsea third with win over Crystal Palace, Arsenal held by Leicester Image Source : GETTY IMAGES

लंदन। कुर्ट जोउमा के आखिरी क्षणों में किये गये शानदार बचाव से चेल्सी ने इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट में क्रिस्टल पैलेस को 3-2 से हराकर अंकतालिका में तीसरा स्थान हासिल करके चैंपियन्स लीग में जगह बनाने की संभावना भी बढ़ा दी। दूसरे हाफ के इंजुरी टाइम में जब क्रिस्टियन बेनेटेक गोल करने वाले थे तब जोउमा ने लंबी दौड़ लगाकर उनके प्रयास को नाकाम किया। 

चेल्सी ने ओलिवर गिरोड और क्रिस्टियन पुलिसिच के गोल से 27वें मिनट तक 2-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। विल्फ्रेड जाहा ने 34वें मिनट में गोल करके क्रिस्टल पैलेस को वापसी दिलायी लेकिन टैमी अब्राहम ने 71वें मिनट में चेल्सी को फिर से दो गोल की बढ़त दिला दी। 

इसके एक मिनट बाद हालांकि बेनटेक ने गोल करके मैच को रोमांचक बनाये रखा। इसके एक घंटे बाद आर्सनल पियरे एमरिक के गोल से लीस्टर सिटी के खिलाफ एक समय 1-0 से आगे था लेकिन 75वें मिनट में उसके स्थानापन्न स्ट्राइकर एडी केटिया को लाल कार्ड मिला। 

इसके नौ मिनट बाद जेमी वार्डी ने लीस्टर सिटी की तरफ से बराबरी का गोल दागकर स्कोर मैच 1-1 से ड्रा करवा दिया। इससे आर्सनल के शीर्ष पांच में शामिल होने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। इस परिणाम से चेल्सी तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। 

अब वह लीस्टर से एक अंक आगे हैं। आर्सनल सातवें स्थान पर है। 



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वकार युनुस ने बताया क्यों हर बार वर्ल्ड कप में भारत से हार जाता है पाकिस्तान

Waqar Younis told why Pakistan loses to India in World Cup every time Image Source : GETTY IMAGES

1992 में भारत से मिली पहली हार के बाद से पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में हारने सिलसिला अभी तक चला आ रहा है। पाकिस्तान और भारत के बीच वनडे वर्ल्ड कप में कुल 7 मैच खेले गए हैं जिसमें भारत ने सभी मैच जीते हैं। 1992 वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर के अर्धशतक के बाद कपिल देव, मनोद प्रभाकर और जवागल श्रीनाथ की शानदर गेंदबाजी से भारत ने मुकाबला 43 रनों से जीता था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 1996, 1999, 2003, 2011, 2015 और 2019 वर्ल्ड कप में मुकाबले हुए और हर बार टीम इंडिया जीतने में सफल रही। 

अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने बताया है क्यों हर बार पाकिस्तान वर्ल्ड कप में भारत से हार जाता है। वकार ने GloFansOfficial से बातचीत के दौरान एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए कहा 'पिछले कुछ वर्ल्ड कप में पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है। हम बाकी फॉर्मेट में अच्छा खेल रहे हैं, हम टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन जब वर्ल्ड कप और वनडे क्रिकेट की बात आती है तो भारत हमसे एक हाथ उपर रहता है। और वह इसका हकदार है। मुझे लगता है कि वो हमारे से अच्छा क्रिकेट खेलते हैं।'

वकार ने आगे कहा 'मुझे बैंगलोर याद है, मुझे प्रिटोरिया 2003 वर्ल्ड कप याद है। मुझे काफी चीजें याद है और मैं उनमें कई मैच खेला भी हूं। इसलिए मैं कह सकता हूं की वह काफी अच्छी टीम है और वह उस विशेष दिन सकारात्मक सोच के साथ आए और बेहतर और स्मार्ट क्रिकेट खेला। हम स्मार्टली क्रिकेट नहीं खेला जबकि मैच हमारे हाथों में था।'

ये भी पढ़ें - Happy B'Day Sourav Ganguly : दादा ने अपनी दादागिरी से बदली थी भारतीय क्रिकेट की तस्वीर

वकार ने इसी के साथ कहा कि वर्ल्ड कप 1996 और 2011 में मैच उनके हाथों में था, लेकिन वर्ल्ड कप के प्रेशर की वजह से वो हार गए। वकार ने कहा 'अगर आप 2011 वर्ल्ड कप या फिर 1996 वर्ल्ड कप देखें तो मैच हमारे हाथों में था लेकिन हमने हाथों से जाने दिया। यह कहना मुश्किल है कि हम ऐसा क्यों करते हैं हो सकता है कि ये वर्ल्ड कप का प्रेशर हो, लेकिन अब यह कई बार हो गया है तो यह हम पर मनोवैज्ञानिक प्रेशर हो गया है कि हम उनसे नहीं जीत सकते।'



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On Sourav Ganguly's Birthday, Sachin Tendulkar Leads Wishes

Sourav Ganguly turned 48 on Wednesday and wishes poured in from the entire cricket fraternity.

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As Sourav Ganguly Turns 48, A Look Back At How He Took Indian Cricket To New Heights

Sourav Ganguly, who turned 48 on Wednesday, has been one of the biggest influences on Indian cricket.

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी से खुश है आईसीसी, ईसीबी के प्रयास को सराहा

ICC is happy with the return of international cricket, appreciated the effort of ECB Image Source : AP

दुबई। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच तीन टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मैच खेला जाना है। कोरोनावायरस के कहर के बीच लगभग 100 दिनों बाद कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा। क्रिकेट की बहाली से आईसीसी काफी खुश है और उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के इस प्रयास को सराहा है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु साहनी ने बुधवार से एजेस बाउल मैदान पर इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच की पूर्वसंध्या पर क्रिकेट की वापसी का स्वागत किया है। 

साहनी ने बयान में कहा, "वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच बुधवार से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की फिर वापसी से हम खुश हैं। प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने के ईसीबी के प्रयासों के लिए हम उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा, "ठीक चार महीने पहले इसी दिन आईसीसी महिला टी20 विश्व कप फाइनल को दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसकों ने देखा था और हमें यकीन है कि यही रोमांच बना रहेगा। मैं दोनों टीमों और मैच अधिकारियों को रोमांचक सीरीज के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"

यह पहला मौका होगा जब आईसीसी द्वारा कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए नए अंतर्राष्ट्रीय नियमों के साथ क्रिकेट खेला जाएगा। गेंदबाज गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग नहीं कर पाएंगे। खिलाड़ी एक साथ जश्न नहीं मना पाएंगे और स्टेडियम में प्रशंसकों की अनुपस्थिति रहेगी।

हला टेस्ट द रोज बाउल, साउथैम्प्टन में खेला जाएगा और दूसरा एवं तीसरा टेस्ट ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में 16 जुलाई एवं 24 जुलाई तक होगा। ये सीरीज काफी ख़ास होगी क्योंकि इसमें सभी खिलाड़ी कोरोना के नियमों का पालन करते हुए क्रिकेट खेलेंगे जिसमें दूर रहकर जश्न मनाने का अंदाज देखना भी फैन्स के लिए काफी रोचक होगा। इतना ही नहीं क्रिकेट के खेल में पहली बार गेंद पर लार का इस्तेमाल नहीं होगा जिसके चलते भी देखना दिलचस्प होगा कि पुरानी गेंद से गेंदबाज किस तरह पार पाते हैं। भारत में इस सीरीज का लाइव प्रसारण और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग देखी जा सकेगी।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं :- 

वेस्टइंडीज - जेसन होल्डर, जर्मेन ब्लैकवुड, क्रैग ब्रैथवेट, नक्रमा बोनर, शमर ब्रूक्स, जॉन कैम्पबेल, रखीम कॉर्नवाल, शैनन गेब्रियल, शेन डाउरिच, रोस्टन चेज़. केमर होल्डर, शाई होप, रेमोन रिफर, अल्जाररी जोसेफ और केमार रोच।

इंग्लैंड - बेन स्टोक्स, जेम्स एंडरसन, जोफ्रा आर्चर, डॉम बेस, रोरी बर्न्स, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोस बटलर, ज़क क्रॉली, ओली पोप, क्रिस वोक्स, डोम सिबली और मार्क वुड।



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Happy B'Day Sourav Ganguly : दादा ने अपनी दादागिरी से बदली थी भारतीय क्रिकेट की तस्वीर

Happy B'Day Sourav Ganguly: Dada had changed the picture of Indian cricket with his Dadagiri Image Source : GETTY IMAGES

भारतीय पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' और 'रॉयल बंगाल टाइगर' नाम से मशहूर सौरव गांगुली को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और कप्तानी के लिए याद किया जाता है। गांगुली ऑफ साइड में इतने अच्छे शॉट लगाया करते थे कि उन्हें फैन्स 'गॉड ऑफ द ऑफ साइड' कहने लगे थे, वहीं सौरव ने टीम इंडिया की कप्तानी उस समय संभाली जब टीम फिक्सिंग जैसे आरोपों के बुरे दौर से गुजर रही थी। गांगुली ने उस समय एक नई युवा टीम तैयार कर देश क्या विदेशों में भी जीतना सिखाया। गांगुली की कप्तानी में भारत ने नेटवेस्ट सीरीज जीती, श्रीलंका के साथ चैंपियंस ट्रॉफी के संयुक्त विजेता रहे, वहीं उन्होंने वर्ल्ड कप 2003 के फाइनल में भी भारत को पहुंचाया।

गांगुली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर ही की थी। 1996 में अपने पहले ही मैच में दादा ने 131 रन की पारी खेलकर अपनी दादागिरी का नमूना दिखा दिया था। 

गांगुली ने भारत के लिए कुल 113 टेस्ट और 311 वनडे मैच खेले जिसमें उन्होंने क्रमश: 7212 और 11363 रन जड़े। दादा के नाम वर्ल्ड कप में भारत की ओर से एक पारी में सबसे अधिक 183 रन बनाने का रिकॉर्ड भी है।

वहीं वनडे क्रिकेट में गांगुली 10 हजार रन के आंकड़े को पार करने वाले तीसरे सबसे तेज खिलाड़ी भी हैं। गांगुली ने अपने वनडे करियर में कुल 22 शतक लगाए हैं जिसमें से उन्होंने 18 शतक विदेशी सरजमीं पर ठोंके थे।

विदेशी सरजमीं पर गांगुली की बल्लेबाजी के साथ साथ उनकी कप्तानी भी सफल हुई थी। गांगुली ने भारत के बाहर कुल 28 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है जिसमें से 11 मैच वो जीतने में सफल रहे हैं। गांगुली ने साल 2000 में टीम इंडिया की कमान संभाली जब टीम पर फिक्सिंग जैसे आरोप लग रहे थे। दादा ने इसकी परवाह किए बिना अपने बेबाक फैसलों से एक नई टीम खड़ी की और युवा खिलाड़ियों में जीतने के ललक पैदा की। गांगुली ने जब टीम इंडिया की कमान संभाली तो आईसीसी रैंकिंग में भारत 8वें पायदान पर था। 

गांगुली ने अपनी कप्तानी में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता बनाया। भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को मात देकर पहुंचा था। लेकिन फाइनल मैच बारिश के कारण धुल गया और टीम इंडिया को खिताब श्रीलंका के साथ साझा करना पड़ा।

इसके बाद दादा ने इंग्लैंड में नेटवेस्ट सीरीज में अपनी दादागिरी दिखाई। लॉर्ड्स के मैदान पर उनके शर्ट उतारकर जीत मनाने के अंदाज को भले ही कौन भुला सकता है। 13 जुलाई 2002 को भारत और मेजबान इंग्लैंड के बीच नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था। इस मुकाबले को मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह की जूझारू पारी की मदद से भारत ने जीता और गांगुली ने बालकनी में ही शर्ट लहराकर जीत की खुशी मनाई। गांगुली ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि इससे पहले जब इंग्लैंड भारत दौरे पर आई थी तो एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने शर्ट उतारकर जीत का जश्न मनाया था।

इसके बाद दादा ने वर्ल्ड कप 2003 के फाइनल में भारत को पहुंचाया। इस वर्ल्ड कप में भारत ने फाइनल मुकाबले से पहले कुल 10 मैच खेले थे जिसमें से 9 मैच टीम जीतने में सफल रही थी। एक मैच जो भारत ने हारा था वो ऑस्ट्रेलिया से ही हारा था। ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 विकेट से करारी मात दी थी। 1983 वर्ल्ड कप के बाद पहली बार भारत फाइनल में पहुंचा था। हर कोई भारत से जीत की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन गत विजेता ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल मैच में भी शानदार प्रदर्शन किया और भारत को 125 रन से मात दी। यह हार आज भी भारतीय फैन्स को कांटे की तरह चुबती है। इस हार के बावजूद गांगुली के प्रति फैन्स का सम्मान ओर बढ़ गया।

गांगुली ने जब टीम इंडिया की कमान संभाली थी तो तब टेस्ट टीम 8वें पायदान पर थी और जब गांगुली ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया तो टीम दूसरे पायदान पर पहुंच गई थी। गांगुली ने अपनी कप्तानी में वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान और महेंद्र सिंह धोनी जैसे युवाओं को तैयार किया जिन्होंने आगे चलकर भारत को वर्ल्ड कप 2011 जिताने में अहम भूमिका निभाई।

क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद गांगुली अब बीसीसीआई का अध्यक्ष बनकर टीम का उद्धार करने में लगे हुए हैं। गांगुली के अध्यक्ष बनने के बाद ही भारत ने पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर पिंक बॉल टेस्ट मैच खेला और इस साल के अंत में जब भारत ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी तो वहां पर भी एक डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी। उम्मीद है दादा आगे भी अपने ऐसे ही बेबाक फैसलों से अपनी दादागिरी दिखाकर टीम इंडिया का उद्धार करते रहेंगे।



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न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से जीत ली। पहला टेस्ट हारने के बावजूद न्यूजीलैंड 142 साल में इंग...