Monday, 6 July 2020
"My Best Friend, Teammate And Captain": MS Dhoni Turns 39, Wishes Pour In
from Latest All News, All Info, Sports News Updates - NDTVSports.com https://ift.tt/2NXSAN8
DJ Bravo ने रिलीज किया MS Dhoni के जन्मदिन पर ये खास गाना, आपने देखा क्या?
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर धोनी को विश करने के लिए फैन्स का तांता लगा हुआ है, इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स की टीम से खेलने वाले ड्वेन ब्रावो ने धोनी के बर्थडे पर एक खास गाना रिलीज कर दिया है। इस गाने में ब्रावो ने धोनी के डेब्यू से लेकर सभी आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी जीतने और आईपीएल तक के सफर के बारे में बताया है।
ब्रावो ने इस वीडियो की शुरुआत धोनी के डेब्यू से की है। ब्रावो ने बताया है कि कैसे रांची से आए एक बच्चे ने इंटरनेशन क्रिकेट में कदम रखा और सौरव गांगुली ने उन्हें खेलने का मौका दिया। धोनी ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शतक भी जड़ा था जिसके बाद पूरे विश्व में उनकी एक अलग पहचान बनी थी।
ब्रावो ने इसके बाद धोनी की सभी आईसीसी ट्रॉफी जीतने के रिकॉर्ड के साथ उनके हेलीकॉप्टर शॉट और आईपीएल सफर के बारे में भी बताया है।
देखें वीडियो-
आपको बता दें कि धोनी पिछले साल इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। धोनी आखिरी बार साल विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरे थे, जिसमें टीम को जीत नहीं मिल नहीं पाई थी।
इसके बाद वह क्रिकेट से कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेने का फैसला किया। हालांकि इस बीच उनके संन्यास लेने की खबरों की अटकलबाजियां भी खूब चली लेकिन उन्होंने खुद इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
वहीं धोनी आईपीएल के 13वें सीजन से क्रिकेट में वापसी करने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इस टूर्नामेंट को अनिश्चित समय के लिए टाल दिया गया है.
ऐसे में फैंस को एक बार फिर से क्रिकेट के मैदान पर धोनी को देखने का इंतजार बढ़ गया है।
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/31XvHln
B'Day Special : The Great MS Dhoni! एक ऐसा कप्तान जिसने सभी आईसीसी ट्रॉफी जीतकर विश्व में रचा इतिहास
भारतीय पूर्व कप्तान और मौजूदा विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। झारखंड, रांची से आए इस खिलाड़ी ने दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया था। धोनी के करियर की शुरुआत ज्यादा खास नहीं रही थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने लंबे बाल और तूफानी बल्लेबाजी से वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली थी। धोनी ने टीम इंडिया की अगुवाई सबसे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2007 में की थी। उस समय टीम में वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और अजीत अगरकर ही सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे।
युवा सितारों से सजी उस टीम से किसी को सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन धोनी ने अपने शांत और चतुर कप्तानी से ना ही टीम इंडिया को नॉकआउट मुकाबलों तक पहुंचाया बल्कि फाइनल में चिर-प्रतिद्वंदी टीम पाकिस्तान को मात देकर विश्व विजेता भी बनाया।
इस टूर्नामेंट से भारत ही नहीं पूरी दुनिया में धोनी की कप्तानी के चर्चे होने लगे थे। राहुल द्रविड़ उस समय अपनी कप्तानी का पद छोड़ चुके थे, तब सचिन तेंदुलकर ने धोनी को वनडे टीम का कप्तान बनाने की सिफारिश की थी। कहा जाता है कि तत्कालीन बीसीसीआई प्रेसिडेंट शरद पवार ने सचिन तेंदुलकर से पूछा कि क्या वो कप्तानी करने के इच्छुक हैं, तो इस पर सचिन ने धोनी के नाम का सुझाव दिया। वहीं राहुल द्रविड़ से जब पूछा गया तो उन्होंने भी एम एस धोनी का ही नाम लिया।
टी20 वर्ल्ड कप जीतने के 5 दिन बाद ही धोनी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 मैच की वनडे सीरीज में कप्तानी करने का मौका मिला। हालांकि भारत यह सीरीज 4-2 से हारा गया था। वहीं टेस्ट क्रिकेट में धोनी ने पहली बार 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर टेस्ट में कप्तानी की थी। इस टेस्ट से पहले अनिल कुंबले चोटिल हो गए थे और उन्होंने अपने संन्यास का भी ऐलान कर दिया था। धोनी ने आखिरी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को मात देकर बॉडर गावस्कर ट्रॉफी में 2-0 से जीती थी।
धोनी ने इसके बाद अपनी लाजवाब कप्तानी से टीम इंडिया को शिखर तक पहुंचाया। धोनी की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड को उसी के घर पर 2009 में टेस्ट सीरीज हराई थी, वहीं 2008 में ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज पर भी कब्जा किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को 2009 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 पर भी पुहंचाया। 2010 टी20 वर्ल्ड कप धोनी और टीम इंडिया के लिए खास नहीं रहा था। इस वर्ल्ड कप में भारत ने मात्र दो ही मैच जीते थे और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था।
ये भी पढ़ें - जन्मदिन विशेष : 39 साल के हुए 'अनहोनी को होनी' करने वाले धोनी, जानें रांची से लेकर विश्व विजेता बनने तक का सफर
लेकिन इसके बाद टीम इंडिया ने 2011 वर्ल्ड कप में जोरदार वापसी की और फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से मात दी। इस मैच में धोनी ने 91 रनों की नाबाद कप्तानी पारी खेली थी। इस वर्ल्ड कप के बाद सचिन तेंदुलकर ने धोनी पर प्रशंसा की, जिसके तहत उन्होंने सबसे अच्छा कप्तान होने का दावा किया। तेंदुलकर ने साथ ही धोनी ने दबाव को संभालने के लिए अविश्वसनीय बताया था।
धोनी को उनके बेबाक फैसलों के लिए भी जाना जाता है। कई बार धोनी ने अपनी कप्तानी में ऐसे फैसले लिए थे जिसे देखकर हर कोई चौंक गया था लेकिन इमें अधिकर फैसले उनके पक्ष में ही होते थे। इसमें वर्ल्ड कप 2007 में जोगिंदर शर्मा से आखिरी ओवर करवाना हो, वर्ल्ड कप 2011 में युवराज सिंह से ऊपर बल्लेबाजी करना हो या फिर रोहित शर्मा को मिडल ऑडर बल्लेबाज से सलामी बल्लेबाज बनाना। धोनी ने कभी अपने फैसलों पर संदेह नहीं किया जिस वजह से उनके फैसले सफल रहें।
मार्च 2013 में, धोनी सबसे सफल भारतीय टेस्ट कप्तान बने जब उन्होंने सौरव गांगुली के 49 टेस्टों में से 21 जीत के रिकॉर्ड को तोड़ा। जून 2013 में, भारत ने धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड को मात देकर 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इसी के साथ वर्ल्ड क्रिकेट में धोनी ने इतिहास रच दिया था। धोनी वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसे पहले कप्तान बने थे जिन्होंने आईसीसी के सभी खिताब जीते हों। 2013 में धोनी की ही कप्तानी में टीम इंडिया 40 से अधिक वर्षों में पहली ऐसी टीम बनी थी जिसने ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ किया था।
धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को कई और अहम जीत भी दिलाई थी। धोनी ने टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में ही कप्तानी के पद से हटने का और अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। वहीं वर्ल्ड कप 2019 की तैयारियों और विराट कोहली को सफल होता देख धोनी ने 5 जनवरी 2017 वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ दी थी।
धोनी ने भारत के लिए 60 टेस्ट, 200 वनडे और 72 टी20 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें उन्होंने क्रमश: 27,110 और 41 मैच जिताए हैं। इसके अलावा धोनी को 2007, 2010 और 2013 में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट XI का कप्तान बनाया गया था। वहीं रिकॉर्ड 8 बार उन्हें आईसीसी वनडे XI में चुना गया था, इसमें 5 बार वो टीम के कप्तान थे।
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/3iAsYnJ
Premier League: Son Heung-min Clashes With Hugo Lloris As Tottenham Beat Everton
from Latest All News, All Info, Sports News Updates - NDTVSports.com https://ift.tt/2ZNhrZL
नासिर हुसैन ने आईसीसी टूर्नामेंटों के लिये भारतीय चयन नीति पर उठाए सवाल, कहा ‘प्लान बी’ की है जरूरत
नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि भारतीय टीम के पास बमुश्किल असफल होने वाले शीर्ष क्रम के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के टूर्नामेंटों के लिये वैकल्पिक योजना की कमी है। चाहे वह 2014 में आईसीसी विश्व टी20 हो या 2017 की आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी या इंग्लैंड में 2019 का विश्व कप, प्रत्येक टूर्नामेंट में एक खराब मैच का टीम को खामियाजा भुगतना पड़ा।
हुसैन ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि आईसीसी टूर्नामेंटों में परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना नहीं बल्कि भारत का चयन गलत रहा। यह केवल एक मैच की योजना से जुड़ा हुआ नहीं है।’’
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान को लगता है कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में कप्तान विराट कोहली और उनके साथ उपकप्तान रोहित शर्मा के शानदार प्रदर्शन से मध्यक्रम हमेशा मुश्किल परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने के लिये तैयार नहीं रहता।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोहली और शर्मा आउट हो जाते हैं और स्कोर दो विकेट पर 20 रन हो जाता है तो क्या आपका मध्यक्रम इस परिस्थिति के लिये तैयार है। भारतीय क्रिकेट के लिये यह गलत हो सकता है कि उसका शीर्ष क्रम बहुत अच्छा है। जब कोहली, शर्मा शतक जड़ते हैं और मध्यक्रम के बल्लेबाजों को मौका नहीं मिलता है तो ठीक रहता है।’’
ये भी पढ़ें - नासिर हुसैन ने बताया धोनी और कोहली की कप्तानी में यह सबसे बड़ा अंतर
हुसैन का मानना है कि जब भारत शुरू में तीन विकेट गंवा देता है तो उसके पास इसका कोई जवाब नहीं होता है। उन्होंने कहा, ‘‘और अचानक आप का स्कोर तीन विकेट पर 20 रन हो जाता है और आपको (मध्यक्रम) मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड का सामना करना होता है और फिर आप संभल नहीं पाते हो। इसलिए इसके लिये ‘प्लान बी’ जरूरी होता है। केवल ‘प्लान ए’ से ही काम नहीं चलता है।’’
हुसैन को कोहली का कप्तान के रूप में नजरिया पसंद है जो कि महेंद्र सिंह धोनी से भिन्न है हालांकि कुछ विभाग हैं जिनमें वह भारत के वर्तमान कप्तान से सुधार चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब भी कुछ विभाग हैं जिनमें उन्हें सुधार करने की जरूरत है। मैं उसे बदलाव करने वाला व्यक्ति मानता हूं। ’’
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/3gp2zHs
इस चैनल पर होगा भारत में इंग्लैंड-वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज का सीधा प्रसारण
कोरोनावायरस के कारण 120 दिनों के लंबे अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के इंग्लैंड टूर के साथ लाइव क्रिकेट की वापसी हो रही है। ऐसे में दर्शकों को 8 जुलाई से दोपहर 3:30 बजे से सोनी सिक्स के चैनलों पर यह सीरीज लाइव एवं एक्सक्लूसिव देखने को मिलेगी। पहला टेस्ट द रोज बाउल (साउथैम्प्टन) में खेला जाएगा और दूसरा एवं तीसरा टेस्ट ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में 16 जुलाई एवं 24 जुलाई तक होगा।
फैंस में क्रिकेट का बुखार लाइव क्रिकेट की वापसी के साथ आसमान पर पहुंच जायेगा, जब वेस्ट इंडीज और इंगलैंड के बीच विस्डन ट्रॉफी के लिए कड़ी टक्कर होगी। वेस्टइंडीज की नजर विदेशी धरती पर विस्डन ट्रॉफी पर बचाने पर होगी और इस पूरी सीरीज में नये नियमों के कारण क्रिकेट के इतिहास में कई प्रमुख बदलाव देखने को मिलेंगे। स्टैंड खाली पड़े रहेंगे और गेंद को चमकाने के लिए थूक का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध होगा।
यह भी पढ़ें- आकाश चोपड़ा ने शाहिद अफरीदी को दिया मुहतोड़ जवाब, आंकड़ों के साथ दिखाया आइना
टेस्ट सीरीज के बिल्ड-अप के तौर पर, स्पोर्ट्स नेटवर्क ने नासिर हुसैन, माइकल एथरटन और इयान बिशप जैसे महान क्रिकेट खिलाड़ियों की मेजबानी की है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान जो रूट ने भी नेटवर्क के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर सोनी टेन पिट स्टॉप पर आगामी सीरीज, नए नॉर्मल आदि के साथ लाइव क्रिकेट दोबारा शुरू होने के बारे में बात की।
यह बहु-प्रतीक्षित सीरीज निश्चित रूप से विज्ञापनकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगी और इसने माइ11सर्कल, स्कोडा, आइटीसी डियोडरेंट्स को को-प्रजेंटिंग स्पॉन्सर्स, बायजूस दफा न्यूज, भारती एयरटेल, कार्स 24, इंफिनिटी रिटेल (क्रोमा) और पॉलिसी बाजार को एसोसिएट स्पॉन्सर्सके तौर पर आकर्षित किया है। इसके अलावा, मारुति सुजूकी एवं मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) ने सीरीज पर स्पॉट की खरीदी कर ली है।
भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत अधिक है, और इस खेल के प्रति लोगों का प्यार सभी सीमाओं को तोड़ देता है और देश के फैंस दो देशों के बीच इस रोमांचक प्रतियोगिता के दौरान अपने पसंदीदा क्रिकेटर्स की हौसला अफजाई करेंगे। सीरीज में दोनों टीमों के कुछ सबसे बेहतरीन इंटरनेशनल क्रिकेटर्स भी ऐक्शन में नजर आयेंगे। इंग्लैंड जो रूट, जॉस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा प्राप्त करेगा, वहीं वेस्टइंडीज की टीम अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों जैसे जैसन होल्डर, रोस्टन चेज और केमर रोच आदि से प्रोत्साहन प्राप्त करेगी।
यह भी पढ़ें- रवि शास्त्री नहीं यह पूर्व दिग्गज थे भारतीय टीम के कोच बनने के प्रबल दावेदार, विनोद राय ने किया खुलासा
सोनी पिक्चर्स नेटवकर्स इंडिया के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (डिस्ट्रिब्यूशन एवं हेड-स्पोर्ट्स बिजनेस) राजेश कौल ने कहा, "दुनिया में 120 से ज्यादा दिनों से कोई लाइव क्रिकेट नहीं हुआ है, हमारे दर्शक लाइव क्रिकेट की वापसी का आनंद उठा सकते हैं जोकि इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के वेस्टइंडीज टूर के साथ विशेष रूप से सोनी पिक्चर्स स्पोर्ट्स नेटवर्क पर आने वाला है।''
उन्होंने कहा, ''भारतीयों को क्रिकेट की कभी खत्म न होने वाली भूख है औ देश भर के फैंस को क्रिकेट की दुनिया में जो रूट,बेन स्ट्रोक्स, जैसन होल्डर आदि जैसे टॉप टैलेंट को ऐक्शन में देखने का मौका मिलेगा। हमें आगामी इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टूर के लिए विज्ञापनकतार्ओं का शानदार रिस्पांस मिला है। माइ11सर्कल, स्कोडा, आइटीसी डियोडरेंट्स को-प्रजेंटिंग स्पॉन्सर्स हैं। बायजूस, दफा न्यूज, भारती एयरटेल, कार्स24, इंफिनिटी रिटेल (क्रोमा), और पॉलिसी बाजार एसोसिएट स्पॉन्सर्स के तौर पर जुड़े हैं और मारुति सुजूकी एवं मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) सीरीज पर स्पॉट की खरीदारी कर ली है।"
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/3gHh2in
नासिर हुसैन ने बताया धोनी और कोहली की कप्तानी में यह सबसे बड़ा अंतर
इंग्लैंड पूर्व दिग्गज खिलाड़ी नासिर हुसैन ने स्टार स्पोर्ट के शो क्रिकेट कनेक्टेड में विराट कोहली और महेंद्र सिंह की कप्तानी को लेकर एक बड़ा अंतर बताया है। हुसैन का मानना है कि धोनी अपनी कप्तानी में जिस तरह से शांत रहकर फैसला लेने में सक्षम थे वह गुण विराट कोहली में कभी नहीं आ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कोहली ने अपने ही अंदाज में कप्तानी का एक पैमाना बनाया है जो कि बेहतरीन है।
विराट कोहली को साल 2015 में टेस्ट कप्तानी मिली थी जबकि 2017 में वे वनडे के कप्तान बने थे। धोनी के विपरित कोहली हमेशा से मैदान पर आक्रमक कप्तानी करते हैं लेकिन वहीं धोनी बहुत ही शांति और धैर्य से चीजों के बारे में अध्यन करते हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान हुसैन ने कहा, ''मैं सबसे पहले यह कहना चाहता हूं कि धोनी एक अलग तरह के व्यक्तित्व हैं। मुझे धोनी का शांत स्वभाव पसंद है। जिस तरह से मैदान पर परिस्थियों को संभालते हैं वह बेहतरीन है। वहीं विराट कोहली में यह बिल्कुल अलग है। कोहली मैदान पर कभी शांत नहीं रह सकते हैं।''
हालांकि इसके बावजूद कोहली की कप्तानी में भारतीय ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है और टीम की विनिंग प्रतिशत बाकी अन्य कप्तानों से कही अधिक बेहतर है। कोहली ने साल 2008 में धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम में अपना डेब्यू किया था जबकि 2011 में वह पहली टेस्ट क्रिकेट खेले थे।
कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम के जीतने का प्रतिशत 71.83 का रहा है। वहीं धोनी भारत के लिए 200 वनडे मैचों में कप्तानी की जिसमें 110 मैचों में टीम को जीत मिली जबकि 74 मैचों में हार जबकि कोहली कप्तानी में भारतीय टीम ने 89 मैचों में से 62 जीत हासिल की है और सिर्फ 24 में उसे हार मिली है।
सिर्फ वनडे में ही टेस्ट क्रिकेट में भी कोहली बाकी के कप्तानों से कही अधिक बेहतर साबित हुए हैं। कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने अबतक कुल 55 टेस्टे मैच खेली है जिसमें से उसे 33 में जीत मिली है। वहीं धोनी के नेतृत्व में टीम को 60 टेस्ट में से 27 में जीत मिली थी।
इस तरह कोहली किसी भी पूर्व भारतीय कप्तान से अधिक टेस्ट मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
from India TV Hindi: sports Feed https://ift.tt/38wT6ey
142 साल में पहली बार हुआ ऐसा, पहला टेस्ट हारने के बाद न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड में रचा इतिहास
न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से जीत ली। पहला टेस्ट हारने के बावजूद न्यूजीलैंड 142 साल में इंग...
-
Suryakumar Yadav's special hundred after a disciplined bowling effort set up Mumbai Indians' seven-wicket win over Sunrisers Hyderab...
-
1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया के खिलाड़ियों की मैच फीस जान चौंक जाएंगे आप Image Source : TWITTER/RAVISHASTRIOFC भारत में क्रिकेट स...
-
हार्दिक पंड्या ने 55 गेंदों में खेली 158 रन की तूफानी पारी, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय Image Source : TWITTER चोट के बाद वापसी कर रहे...