Kohli, Rohit and Sania will participate in an online concert to raise funds in the Battle of Corona Image Source : BCCI.TV
भारतीय कप्तान विराट कोहली के साथ उप-कप्तान रोहित शर्मा और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा कोरोना के खिलाफ पैसे जुटाने के लिए ऑनलाइन कॉन्सर्ट में भाग लेंगे। इस महामारी के कराण दुनियाभर में लगभग 2 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। भारत में इस महामारी की चपेट में 42 हजार लोग आ चुके हैं जब कि 1300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं।
आई फॉर इंडिया द्वारा शुरू की गई इस मुहीम में खेल जगत के अलावा बॉलीवुड अभिनेता-अभिनेत्री समेत, सिंगर, बिजनेस लीडर भी हिस्सा लेंगे।
#IForIndia के मैसेज में कहा गया है "दो हफ्ते पहले, हमने भारत के सबसे कॉन्सर्ट पर काम करना शुरू किया। यह कॉन्सर्ट ऐसे लोगों का मनोरंजन करने के लिए, जो घर पर लॉकडाउन के कारण बंद हैं। यह उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी है जो इस दौरान कोवि-19 से लड़ रहे हैं। यह कॉन्सर्ट उन लोगों के लिए पैसे जुटाने के लिए जो काम नहीं करते या फिर जिनके घर नहीं है।"
इस कॉन्सर्ट में शामिल होने वालों में कोहली की अभिनेत्री पत्नी अनुष्का, शाहरुख खान, एआर रहमान, उस्ताद जाकिर हुसैन, आमिर खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, आलिया भट्ट, आयुष्मान खुर्राना, ब्रायन एडम्स, गुलजार, निक जोनास, प्रियंका चोपड़ा, रॉन रॉन शामिल हैं। सिंह, श्रेया घोषाल, सोनू निगम, सोफी टर्नर, जोया अख्तर और विद्या बालन है।
Narinder Batra withdrew from his statement, said FIH elections will be held in October Image Source : IANS
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) के चुनाव 2021 तक स्थगित होने से उनका कार्यकाल बढ़ाए जाने से संबंधित बयान से पीछे हट गए हैं और उन्होंने कहा है कि अब तक की स्थिति के अनुसार चुनाव इस साल अक्टूबर में होंगे। शनिवार को ऑनलाइन हुई भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) की आम सभा की विशेष बैठक के दौरान भारतीय ओलंपिक संघ के भी अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य बत्रा ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण चुनाव स्थगित होने से एफआईएच अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल बढ़ाया जाएगा।
बत्रा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अब तक की स्थिति के अनुसार, एफआईएच के चुनाव इस साल अक्टूबर में होंगे, इसमें कोई बदलाव नहीं है।’’ शनिवार को एएफआई के चुनावों की तारीख पर चर्चा के दौरान बत्रा ने कहा था कि एफआईएच के चुनाव स्थगित हो गए हैं। एएफआई के चुनाव पिछले महीने होने थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया।
बत्रा ने कहा था, ‘‘एफआईएच के चुनाव इस साल अक्टूबर में होने थे लकिन अब इन हालात में अगले साल जून में होंगे इसलिए मैं अगले साल जून में चुनाव तक अध्यक्ष रहूंगा।’’
बत्रा को नवंबर 2016 में एफआईएच अध्यक्ष चुना गया था। वह किसी ओलंपिक खेल के अंतरराष्ट्रीय महासंघ के प्रमुख बनने वाले पहले भारतीय बने थे। एफआईएच ने कहा कि संस्था का कार्यकारी बोर्ड आठ मई को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये चर्चा करेगा कि कोविड-19 के कारण दुनिया भर में छाई अनिश्चितता को देखते हुए एफआईएच कांग्रेस को स्थगित किया जाए या नहीं। एफआईएच ने कहा, ‘‘कार्यकारी बोर्ड के उस बैठक के दौरान कांग्रेस की नई तारीखों की पुष्टि करने की उम्मीद है।’’
It would be silly for players to think of doping at the time of lockdown: Wada Image Source : TWITTER
नई दिल्ली। विश्व डोपिंग रोधी संस्था (वाडा) ने चेताया है कि कोरोना वायरस के कारण जब दुनिया के कई देश लॉकडाउन को मजबूर हैं तब अगर कोई खिलाड़ी इस समय को डोपिंग के मौके के तौर पर देखता है तो ऐसा करना मूर्खतापूर्ण होगा। चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोविड-19 महामारी से दुनिया भर में 32 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जबकि दो लाख 25 हजार से अधिक लोगों की जान गई है। भारत में भी इस घातक बीमारी के 37 हजार से अधिक पुष्ट मामले सामने आए हैं जबकि 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं ठप्प पड़ी हैं। अधिकतर पेशेवर खेल लीगों को स्थगित या रद्द किया गया है।
कोविड-19 के कारण दुनिया के कुछ हिस्सों में डोप परीक्षण काफी कम हो गए हैं जबकि कुछ स्थानों पर निलंबित भी किए गए हैं लेकिन वाडा के मीडिया रिलेशन एवं कम्यूनिकेशन के सीनियर मैनजर जेम्स फिट्जगेराल्ड ने चेतावनी दी है कि खिलाड़ी इसे निषिद्ध पदार्थ लेने के मौके के तौर पर नहीं देखें। फिट्जगेराल्ड ने ‘भाषा’ को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘‘वाडा की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। जाहिर है, जब लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हो तो खेलों को सबसे आगे नहीं रखा जा सकता। अनिवार्य रूप से दुनिया भर में कुछ जगह परीक्षण कार्यक्रम काफी कम हो जाएंगे और यहां तक कि अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए जाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि बेईमान खिलाड़ी या समूह इसे धोखा देने के अवसर के रूप में देखता है तो ऐसा करना बहुत ही मूर्खतापूर्ण होगा। खिलाड़ी इस समय भी परीक्षण के दायरे में हैं और उन्हें सामान्य तरीके से रहने के स्थान संबंधी जानकारी मुहैया कराते रहना होगा जिसके कि वे प्रतियोगिता के इतर नमूने देने के लिए उपलब्ध रहें।’’
लॉकडाउन के समय अधिकारियों की नजरों से बचकर डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या में इजाफे की आशंका के बारे में पूछे जाने पर फिट्जगेराल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों को इस समय शक्तिवर्धक दवाओं का अधिक फायदा नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ सही तरह के गहन प्रशिक्षण के साथ मिलकर काम करते हैं। कई एथलीट इस समय उचित प्रशिक्षण सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकते हैं और इसलिए उन पदार्थों को लेने से उन्हें बहुत मदद नहीं मिलेगी।’’
फिट्जगेराल्ड ने हालांकि कहा कि डोपिंग रोधी संगठनों (एडीओ) और खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास है और कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए वाडा सुनिश्चित कर रहा है कि दुनिया में डोपिंग रोधी परीक्षण की अहमियत बनी रहे। उन्होंने कहा, ‘‘वाडा वैश्विक डोपिंग रोधी नियामक है, परीक्षण प्राधिकरण नहीं। डोपिंग रोधी संगठनों (एडीओ) और खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियां पता है। हमने हाल में एडीओ और खिलाड़ियों को अपडेट दिशानिर्देश भेजे थे जिससे कि उन्हें पता रहे कि इस समय क्या चल रहा है। हमारी वेबसाइट पर भी ये दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।’’
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और विश्व रग्बी में भी मीडिया के जुड़े मामलों के प्रमुख रहे फिट्जगेराल्ड ने कहा, ‘‘इस बीच वाडा निगरानी कर रहा है कि इस महामारी के प्रकोप के बीच दुनिया भर में डोपिंग रोधी परीक्षणों अहमियत बनी रहे। यह एक लगातार बदलती स्थिति है और वाडा इसमें हो रहे बदलाव के साथ सामंजस्य बैठा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि इस महामारी के बाद जितना जल्दी संभव हो सारी प्रणाली फिर से पहले की तरह मजबूत हो जाए और व्यवस्था से जुड़े संभावित कमजोर बिंदुओं को एक बार फिर मजबूत किया जाए।’’
फिट्जरगेराल्ड ने कहा कि वैश्विक डोपिंग रोधी प्रणाली सिर्फ खिलाड़ी के परीक्षण से नहीं जुड़ी बल्कि यह उनका जैविक पासपोर्ट है जो उनके दीर्घकालीन प्रोफाइल का विश्लेषण करने के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने कहा,‘‘वैश्विक डोपिंग रोधी प्रणाली सिर्फ खिलाड़ी के परीक्षण से नहीं जुड़ी। उदाहरण के लिए खिलाड़ी जैविक पासपोर्ट प्रत्येक खिलाड़ी के दीर्घकालिक प्रोफाइल का आकलन करने के लिए एक उपयोगी उपकरण है। कई नमूने लंबे समय तक संग्रहित रहते हैं। हम अपने व्हिसलब्लोअर कार्यक्रम के माध्यम से खुफिया जानकारी प्राप्त करना जारी रखते हैं जिससे लक्ष्य परीक्षण (टारगेट टेस्टिंग) या जांच शुरू हो सकती है। इसलिए हमारे पास ऐसे उपकरण हैं जिनका उपयोग हम प्रणाली की अहमियत को बनाए रखने के लिए कर सकते हैं।’’
फिट्जगेराल्ड ने बताया कि इस समय वाडा का अधिकतर स्टाफ भी घर से ही काम कर रहा है और वे स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक हमारे कर्मचारियों का सवाल है तो कई स्थानों की तरह हर कोई वर्तमान में घर से काम कर रहा है और हम स्वास्थ्य अधिकारियों की नवीनतम सलाह का पालन कर रहे हैं।’’
पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज जुल्करनैन हैदर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2010 की वनडे सीरीज के दौरान अचानक लापता होने के लिये उमर अकमल को दोषी ठहराते हुए कहा कि मैच गंवाने के लिये तैयार नहीं होने पर इस दागी खिलाड़ी ने उन्हें धमकी दी थी।
जुल्करनैन ने दावा किया कि उन्हें दुबई में टीम होटल छोड़कर रहस्यमय परिस्थितियों में लंदन जाने के लिये मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें तब अपने साथी उमर और कुछ अन्य से उस सीरीज के तीसरे वनडे मैच में खराब प्रदर्शन करने से इन्कार करने के कारण धमकी भरे संदेश मिल रहे थे।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘‘मुझे याद है कि मैंने उससे कहा कि वह अपना काम करता रहे और ड्रिंक्स ले जाने की भूमिका निभाता रहे। लेकिन बाद में उसने (उमर) और कुछ अन्य खिलाड़ियों ने मुझे सीधे तौर पर धमकी देनी शुरू कर दी। उन्होंने मुझे इतना परेशान कर दिया कि मैं मनोवैज्ञानिक दबाव में आ गया। मैं डरने लगा था और ऐसे में किसी को बताये बिना लंदन चला गया। ’’
नवंबर 2010 में घटी इस घटना के बाद जुल्करनैन का करियर भी समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि उमर पर स्पॉट फिक्सिंग के संपर्कों का खुलासा नहीं करने के कारण लगाया गया तीन साल का बैन बहुत कम है।
जुल्करनैन ने कहा, ‘‘वह फिक्सिंग जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है और उस पर आजीवन बैन लगना चाहिए। यहां तक कि उसकी संपत्ति भी जब्त कर देनी चाहिए। ’’
जुल्करनैन अब 34 साल के हैं। उन्होंने दुबई में टीम मैनेजमेंट को बताये बिना होटल छोड़ने के बाद लंदन में शरण ली थी। उन्होंने केवल एक टेस्ट मैच खेला जिसमें 88 रन बनाये।
इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने दावा किया कि उन्होंने उमर का उन्हें खराब प्रदर्शन करने के लिये कहने की जानकारी टीम मैनेजमेंट को दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन धमकी और दबाव को सहना मेरे लिये मुश्किल था और इसलिए मैं वहां से चुपचाप निकल गया। मुझे कुछ अज्ञात व्यक्तियों से भी खराब प्रदर्शन करने के लिये धमकी मिल रही थी। ’’
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) के महासचिव आसिफ बाजवा ने कहा कि पहले ही वित्तीय समस्याओं से जूझ रही पाकिस्तानी हॉकी के लिये कोरोना वायरस महामारी ने स्थिति और नाजुक बना दी है और इससे देश का यह राष्ट्रीय खेल धीमी मौत मर सकता है। पाकिस्तान ने ओलंपिक में तीन स्वर्ण और चार बार विश्व कप जीता है लेकिन पिछले कुछ सालों में टीम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा जिसके कारण उसे प्रायोजक नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में पाकिस्तानी हॉकी को अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में कोविड-19 महामारी ने उसकी स्थिति और बदतर कर दी है।
बाजवा ने शनिवार को कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी का हॉकी पर बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है। पहले ही पीएचएफ और यह खेल देश में वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे थे और अब स्थिति बदतर हो गयी है। ’’
उन्होंने कहा कि महामारी के कारण कई खिलाड़ी बेरोजगार हो गये हैं और उनके पास अब आय का कोई साधन नहीं है। पूर्व ओलंपियन बाजवा ने कहा, ‘‘फेडरेशन भी दुर्भाग्य से ऐसी वित्तीय स्थिति में नहीं है कि वह खिलाड़ियों की मदद कर सके। ’’
उन्होंने कहा कि जब खेलों की वापसी होगी तब भी पाकिस्तान हॉकी की मुश्किलें कम नहीं होंगी। बाजवा ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में हाकी सहित खेलों की स्थिति बदतर है। जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा तब भी पीएचएफ को सीनियर और जूनियर टीमों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिये बाहर भेजने के लिये काफी धनराशि की जरूरत पड़ेगी। ’’