कटक| वेस्टइंडीज के बल्लेबाज निकोलस पूरन चार साल पहले दुर्घटना में इतने चोटिल हो गये थे कि छह महीने तक वह चलने में भी असमर्थ थे, ऐसे में कीरोन पोलार्ड अभिभावक की तरह उनकी मदद के लिए आये। दुर्घटना के समय पूरन की उम्र लगभग 20 साल की थी और पोलार्ड की हौसलाअफजाई ने उनके लिये ऐसी दवा का काम किया कि वह एकदिवसीय क्रिकेट में टीम के इस मौजूदा कप्तान के सबसे अहम सिपाही में से एक हो गये है। from India TV: sports Feed https://ift.tt/34N8RdN
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