नई दिल्ली: विदर्भ की लगातार दूसरी रणजी ट्रॉफी खिताबी जीत का अहम हिस्सा रहे हरफनमौला खिलाड़ी आदित्य सरवाटे ने बचपन से ही अपनी मां अनुश्री सरवाटे की अथक मेहनत और संघर्ष को देखा है और उसी से प्रेरणा लेकर वह अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। आदित्य जब महज तीन साल के थे, तभी उनके पिता आनंद सरवाटे का एक्सीडेंट हो गया था। तब से वह व्हीलचेयर पर हैं। तब से उनकी मां ने घर की जिम्मेदारी ली। तमाम दिक्कतों के बाद भी उनकी मां ने हार नहीं मानी और अपने बेटे को आगे बढ़ाती रहीं। अपनी मां की इसी हार न मानने के नजरिए को आदित्य ने अपने जेहन में उतार लिया।from India TV: sports Feed http://bit.ly/2I13YYE
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