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Friday, 24 July 2020

Eng vs WI : कप्तान जेसन होल्डर को है उम्मीद आखिरी टेस्ट मैच में वापसी करेंगे शाई होप

Shai Hope Image Source : GETTY

वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज शाई होप इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं। होप की इस असफलता पर टीम के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा है कि वे इस बल्लेबाज साथ हैं और उन्हें उम्मीद है सीरीज के आखिरी मुकाबले में वह जरूर वापसी करेंगे।

होप इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के चार पारियों में अबतक सिर्फ 57 रन ही बना पाए हैं। वहीं तीन साल पहले इंग्लैंड दौरे पर होप ने दो शतकीय पारी खेली थी, जबकि मौजूदा सीरीज में उनका औसत 25 से भी कम है।

वहीं दूसरी तरफ कप्तान होल्डर का मानना है कि होप इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल टेस्ट में वापसी करेंगे। 

होप को लेकर कप्तान जेसन होल्डर ने कहा, ''टीम में सभी खिलाड़ियों का मेरा पूरा समर्थन है। वे जानते हैं कि मैं उन्हें लेकर कैसा महसूस करता हूं। टीम के कुछ खिलाड़ी इस सीरीज में रन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा होता है लेकिन मेरा फिर भी उनका पूरा समर्थन रहेगा। सबको पता है कि शाई होप के अंदर किनती क्षमता है और वह टीम के लिए क्या कुछ कर सकता है।'' 

उन्होंने कहा, ''हम होप की क्षमता को जानते हैं। हम जानते हैं वह कर सकता है। मुझे पूरा भरोसा है कि होप आखिरी टेस्ट मैच में रन बनाएंगे। उन्हें बस एक अच्छी शुरुआत की जरुरत है। एक बार उन्हें सही शुरुआत मिल जाए तो वह फॉर्म में वापस आ जाएंगे।''

वहीं इससे पहले टीम के कोच फिल सिमंस ने शाई होप और जॉन कॉम्बेल के बल्लेबाजी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। वहीं तीन टेस्ट मैचों सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुका है और दूसरी तरफ वेस्टइंडीज के पास नकरुमा बोनेर के रूप में सिर्फ एक ही बल्लेबाज हैं जिसे वह आखिरी टेस्ट में आजमा सकता है।

वहीं टीम गेंदबाजी में कप्तान जेसन होल्डर रकीम कार्नबल को भी वह आखिरी टेस्ट मुकाबले में मौका दे सकते हैं। 



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किरण रिजिजू को उम्मीद, सितंबर-अक्टूबर से भारत में शुरू हो सकती है खेल प्रतिस्पर्धा

Kiren Rijiju hopes sports competition may start in India from September-October Image Source : PTI (FILE)

नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)| केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने उम्मीद जताई है कि देश में कोविड-19 के कारण मार्च से बंद पड़ी खेल गतिविधियाएं सितंबर-अक्टूबर से शुरू हो जाएंगी। रिजिजू ने हाल ही में राष्ट्रमंडल देशों के मंत्री स्तरीय फोरम में हिस्सा लिया जिसमें कोविड-19 के बाद भारत में खेलों को शुरू करने की रणनीति के बारे में चर्चा के साथ ही कोविड के बाद एक संयुक्त खेल नीति बनाने में योगदान देने पर भी बात की।

रिजिजू ने कहा, "राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के सदस्य होने के नाते हमें सभी मुद्दों पर एक साथ खड़ा होना चाहिए, खासकर ऐसे समय में। इस फोरम का हिस्सा बनकर खुश हूं जहां सभी राष्ट्रमंडल देश आगे बढ़ने के लिए एक साथ आए हैं।"

उन्होंने कहा, "अन्य देशों ने इस फोरम में जो मुद्दे उठाए हैं वो भारत के समान ही हैं। हालांकि इस दौरान हमने कुछ अलग हासिल किया है और कुछ सीखा है जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करना चाहूंगा।"

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रिजिजू ने कहा, "सरकार ने कुछ गतिविधियों को तय पाबंदियों और सख्त एसओपी के साथ मंजूरी दे दी है, इन गाइडलाइंस को हर खेल संगठन को लागू करना होगा।"

उन्होंने कहा, "मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे एलिट, ओलम्पिक खेलने वाले खिलाड़ियों ने कैम्प में ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मैंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों से बात की थी, साथ ही सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से भी कहा था कि वे धीरे-धीरे खेल गतिविधियां शुरू करें। हमें लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि भारत में सितंबर-अक्टूबर के बीच खेल गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, अलग-अलग खेलों में बड़ी लीग भी शुरुआत करने के बारे में सोच रही हैं।"



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VIDEO : विराट कोहली ने बताया कैसे 2014 में इंग्लैंड दौरे पर हुई गलतियों से सीख लेकर मचाया 2018 में धमाल

Virat Kohli told how he learned from the mistakes England Tour 2014 To 2018 Image Source : GETTY IMAGES

भारतीय कप्तान विराट कोहली की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में की जाती है। कोहली की लाजवाब बल्लेबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड क्रिकेट में विराट कोहली इस समय ऐसे बल्लेबाज हैं जो तीनों फॉर्मेट में 50 से अधिक की औसत से रन बना रहे हैं। लेकिन वो कहते हैं ना हर किसी खिलाड़ी के करियर में एक बुरा वक्त आता है जब वह चाह कर भी कुछ नहीं कर पाता। ऐसे ही समय विराट कोहली के करियर में 2014 में आया था।

इस दौरान इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में विराट कोहली अपनी फॉर्म से बुरी तरह जूझ रहे थे। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विराट कोहली ने 5 मैच की 10 इनिंग में 13.40 की औसत से मात्र 134 रन बनाए थे। लेकिन विराट कोहली फिर भी इस टूर को अपने करियर का मील का पत्थर मानते हैं। विराट कोहली का कहना है कि अगर ये दौरा नहीं होता तो वह शायद ही इतने बड़े खिलाड़ी बन पाते।

विराट कोहली ने इसके बाद सचिन तेंदुलकर और रवि शास्त्री जैसे काफी बड़े दिग्गज खिलाड़ियों की मदद से अपने खेल में सुधार किया। 2018 में जब कोहली एक बार फिर इंग्लैंड दौरे पर गए तो सबकी नजरें उनक पर बनी हुई थी। इस बार विराट कोहली इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के जाल में नहीं फंसे और सीरीज में ताबड़तोड़ 593 रन जड़े। इस सीरीज में विराट कोहली सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।

हाल ही में विराट कोहली ओपन नेट्स विद मयंक पर टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के साथ अपने इस बदलाव की बात की। विराट कोहली ने इस दौरान बताया कि कैसे उन्होंने अपनी तकनीक पर काम किया और 2018 इंग्लैंड दौरे पर रनों का अंबार लगाया।

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विराट कोहली ने कहा 'अगर मैं कहूं की 2018 में मैं नर्वस नहीं था तो यह झूठ होगा। पहला टेस्ट मैच शुरू होने से पहले मैं काफी नर्वस था। इंग्लैंड का 2014 का दौरा हमेशा मेरे करियर का नील का पत्थर रहेगा। लोग अपने अच्छे काम को नील का पत्थर मानते हैं, लेकिन मेरे लिए मेरे लिए यही मील का पत्थर है।' 

विराट कोहली ने इसे मील का पत्थर इसलिए कहा क्योंकि अगर वह इस टूर पर फेल नहीं होते तो वह टेस्ट क्रिकेट में हमेशा वैसे खेलते रहते जैसा वो पहले खेल रहे थे। कोहली ने आगे कहा 'लिमिटेड ओवर क्रिकेट में जब आप कुछ गलत कर रहे होते हो तो आप तुरंत उसको ठीक करके अमल में लाते हो, लेकिन अगर आप टेस्ट क्रिकेट में रन नहीं बनाते हो तो यह एक क्रिकेट के लिए सबसे मुश्किल समय होता है। मुझे इसमें सुधार करने की बहुत जरूरत थी। अगर यह टूर नहीं आता तो मैं वैसे ही आगे खेलता रहता। मैं खुद में सुधार नहीं कर पाता। उस दौरे ने मुझे बैठ कर सोचने पर मजबूर कर दिया था कि मैं कैसे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को आगे बढ़ाऊंगा।'

मयंक अग्रवाल ने इसके बाद विराट कोहली से कहा कि हमने पढ़ा है कि आपने अपने दाए पैर की पोजिशन में कुछ बदलाव किए थे। क्या आप उस पर हमें कुछ बताना चाहेंगे।

इस पर विराट कोहली ने कहा 'इंग्लैंड दौरे पर मेरा हिप पोजिशन मेरे लिए सबसे बड़ी समस्या थी। अगर आप कंडीशन के हिसाब से नहीं ढलते और अड़े रहते हैं कि आपको जो करना है वो करेंगे तो चीजों पर अड़े रहने से आप कही नहीं जा पाओगे। यह मैंने जल्दी एहसास किया और यह दर्दनाक एहसास था।'

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कोहली ने आगे कहा 'मैं 2014 इंग्लैंड दौरे पर मैं सबसे ज्यादा चिंतित अंदर आती गेंदों से था जिस वजह से मैं पहले ही खुल जाता था और बाहर जाती गेंद हमेशा मुझे आउट कर रही थी। मैं इस कंफ्यूजन से उभर नहीं पा रहा था इसलिए मैंने वापस आते ही अपने वीडियो देखे कि मैं कहां गलती कर रहा हूं।'

कोहली ने इसी के साथ बताया कि जब वो इंग्लैंड दौरे से वापस भारत लौटे थे तो उन्होंने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के साथ कुछ सेशन लिए थे जिसमें उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया था।

कोहली ने कहा 'जब मैं वापस आया तो मैंने सचिन पाजी से बात की उनके साथ कुछ सेशन किए। मैंने उस दौरान उनसे कहा कि मैं अपनी हिप पोजिशन पर काम कर रहा हूं तो उन्होंने कहा कि तेज गेंदबजों के खिलाफ आगे पैर निकालकर खेलने की जरूरत है। जब मैंने अपनी हिप पोजिशन के साथ ये करना शुरू किया तो ये काफी फायदेमंद साबित हुआ। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला और मैंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अच्छा खेल पाया।'

उन्होंने आगे कहा "मैं इस चीज पर ध्यान नहीं देता हूं कि इंग्लैंड के 2014 दौरे पर फेल होने के बाद लोग मेरे को कैसे देखेंगे। हां उस दौरे ने मुझे थोड़ा परेशान किया क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर एक ही महीने में मेरी विश्वसनीयता कम हुई थी। जब आप जानते हो कि आप अच्छे हो, लेकिन जब आप देखते हो कि लोग आपके बारे में क्या बोल रहे है तो यह निराशाजनक होता है।"

2014 की गलतियों से विराट काफी कुछ सीख चुके थे और उन्हें इसके बाद कप्तानी की भी जिम्मेदारी मिल गई थी। 2018 में विराट बतौर कप्तान इंग्लैंड दौरे पर पहुंचे जहां उन्होंने टीम को आगे से लीड किया। कोहली ने कहा '2018 दौरे पर मैं एक खिलाड़ी के साथ साथ बतौर कप्तान भी गया था तो मुझे आगे से टीम को लीड करना था। हां मैं पहले मैच से पहले नर्वस था क्योंकि मैं एक अच्छी शुरुआत चाहता था। मैं टीम के लिए जितना कर पाऊं मैं उसके लिए खुश हूं। इंग्लैंड को महने उस सीरीज में काफी कड़ी चुनौती दी, लेकिन हम वो सीरीज हार गए। सीरीज हारने से हम निराश नहीं हुए क्योंकि हमने अच्छा क्रिकेट खेला था। यह आत्मविश्वास बढ़ाने वाली सीरीज थी।'

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2014 इंग्लैंड दौरे पर रवि शास्त्री ने मुझे और शिखर धवन को बैट के साथ अपने कमरे में बुलाया था। उन्हें खेल की काफी अच्छी समझ है। कई बार छोटी चीजें भी बड़ा अंतर पैदा कर देती है। उन्हें पता है क्योंकि उन्होंने निचले क्रम से बल्लेबाजी करते हुए भारत के लिए सलामी बल्लेबाजी की है और इस दौरान उनका औसत 40 से अधिक का रहा है और उन्होंने पूरी दुनिया में रन बनाए हैं। उनको खेल की समझ काफी अच्छी है।

विराट कोहली ने इसी के साथ बताया कि उनके स्टांस बदलने में मदद सचिन के अलावा रवि शास्त्री और डंकिन फ्लेचर ने भी की थी। विराट कोहली ने बताया 'शास्त्री के  कहने पर ही मैंने क्रीज के बाहर खड़े होकर खेलना शुरू किया था। उन्होंने इसके पीछे की सोच भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर आप अपने खेल पर कंट्रोल कर रहे हो तो गेंदबाज आपको आउट नहीं कर पाएगा। क्रीज के बाहर खड़े होने से कई आउट होने के मौके बचे। मैंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इसे आजमाया और यह अविश्वसनीय था।'

कोहली ने कहा 'इसके बाद मैंने बड़े पैर खोलकर बल्लेबाजी करना शुरू किया जिसकी सलाह मुजे डंकिन फ्लेचर ने दी थी। उन्हें भी खेल की काफी अच्छी समझ है और उनके साथ काम करने में काफी मजा आया था। इससे मुझे आगे की गेंद खेलने में आसानी हुई। तब उन्होंने मुझे पूछा था कि तुम इस स्टांस के साथ शॉर्ट पिच गेंद खेलने में सहज हो तो मैंने कहा हां, तो उन्होंने जवाब दिया कि फिर यह तुम्हारे बहुत काम आएगा।'

कोहली ने अंत में कहा 'रवि भाई ने भी मेरे से पूछा था कि तुम शॉर्ट बॉल खेलने से डरते हो क्या। तो मैंने मना किया था। तो उन्होंने कहा था कि फिर अच्छा है तुम क्रीज के बाहर खड़े होकर खेलो। मैंने कहा था मैं चोट से नहीं डरता बस आउट नहीं होना चाहता। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच खेलने से पहले रवि भाई ने मुझे प्रैक्टिस करते हुए देखा तो उन्होंने मुझे कहा कि मैं क्रीज के बाहर खड़ा होकर क्यों नहीं खेल रहा हूं। क्यों तूम भूल गए हो। तो मैं दोबारा नेट्स में गया और 40 मिनट क्रीज के बाहर खड़े होकर बल्लेबाजी की। तब मैं काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।'



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विजडन ट्रॉफी की जगह अब इंग्लैंड-वेस्टंडीज के बीच खेला जाएगा ‘रिचडर्स-बॉथम सीरीज’

England vs West indies  Image Source : GETTY IMAGES

इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच अगली टेस्ट सीरीज ‘रिचडर्स-बॉथम सीरीज ’ होगी चूंकि ‘विजडन ट्रॉफी’ को दोनों टीमों के इन महान खिलाड़ियों के नाम पर नया नाम दिया गया है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा टेस्ट आखिरी होगा जिसे विजडन ट्रॉफी के लिये खेला जायेगा। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और क्रिकेट वेस्टइंडीज ने संयुक्त बयान में यह घोषणा की।

ईसीबी ने कहा ,‘‘इंग्लैंड और वेस्टइंडीज अगली टेस्ट सीरीज के लिये खेलेंगे तो उसे रिचडर्स-बॉथम ट्रॉफी कहा जायेगा। ये उन दोनों महान खिलाड़ियों के प्रति सम्मान होगा जिनकी मैदानी प्रतिद्वंद्विता और दोस्ती से दोनों टीमों के बीच करीबी रिश्तों और आपसी सम्मान की बानगी मिलती है।’’ ॉ

बोर्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ मैदान पर कड़े प्रतिद्वंद्वी और मैदान से बाहर करीबी दोस्त रही इन दोनों टीमों के रिश्तों का जश्न मनाने का यह शानदार तरीका होगा।’’ 

सर विवियन रिचडर्स ने 121 टेस्ट में 24 शतक समेत 8540 रन बनाये जबकि सर इयान बॉथम ने 102 टेस्ट में 5200 रन बनाने के साथ 383 विकेट लिये। रिचडर्स ने कहा ,‘‘ यह मेरे और मेरे अच्छे दोस्त इयान के लिये बड़े फख्र की बात है।’’ 

उन्होंने कहा ,‘‘ क्रिकेट के मैदान पर हमारी उपलब्धियों के सम्मान में इस ट्राफी का नाम रखा जाना हमारे लिये गर्व की बात है। यह मैदान के बाहर भी हमारे रिश्तों के बारे में काफी कुछ कहती है।’’ 

बॉथम ने कहा ,‘‘ विवियन उन सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है जिनके खिलाफ हमने खेला है ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘वह शानदार दोस्त है और हम मैदान पर हमेशा कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हैं । उनसे ज्यादा किसी के विकेट ने मुझे इतना आनंदित नहीं किया ।’’ 

उन्होंने स्वीकार किया कि सत्तर और अस्सी के दशक में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलना काफी कठिन था । विजडन क्रिकेटर्स अलमैनेक के सौवें संस्करण के मौके पर 1963 में शुरू हुई विजडन ट्रॉफभ् अब रिटायर हो जायेगी । इसे लाडर्स पर एमसीसी संग्रहालय में रखा जायेगा।



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IPL To Begin On September 19, Final On November 8: Chairman Brijesh Patel

The Indian Premier League will start on September 19 and the final of the tournament will be played on November 8, said chairman Brijesh Patel.

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Virat Kohli Reveals How Ravi Shastri Helped Him Improve His Performance On England Tour In 2018

Virat Kohli, in a chat session with Mayank Agarwal, recalled the words from Ravi Shastri that helped him overturn his Test record in England.

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आईपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल ने बताया 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच खेला जाएगा IPL का 13वां सीजन

 IPL 2020 Image Source : IPLT20.COM

इंडियन प्रीमियर लीग के चेयमैन बृजेश पटेल ने यह साफ कर दिया है कि सीजन 13 का आजोजन 19 सितंबर से 8 नवंबर के विंडो में किया जाएगा। इस संबंध सभी फ्रेंचाइजी से बात कर ली गई है और उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है। वहीं टूर्नामेंट भारत से बाहर यूएई में खेला जाएगा।

आईएएनस से बात करते हुए बृजेश पटेल ने कहा, ''हमने इस पर कई बार बैठक की और यह तय किया कि आईपीएल के 13वें सीजन का आयोजन 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच कराया जाएगा। इस बाबत हमने सभी फ्रेंचाइजी को भी सूचित कर दिया है।''

आईपीएल के इस विंडो में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाली आगामी सीरीज के बारे में भी चर्चा की की गई है जो कि सिंतबर में ही खेली जानी है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 15 सितंबर से सीरीज की शुरुआत होगी। ऐसे में दोनों ही टीमों के कुछ खिलाड़ी को जो कि आईपीएल में हिस्सा लेने वाले हैं वह लीग के शुरुआती कुछ मैचों में नहीं खेल पाएंगे।

वहीं आईपीएल चेयरमैन ने यह साफ कर दिया है कि उनके लिए यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने इस बारे में फ्रेंचाइजी से बात कर ली है। वहीं लीग के शेड्यूल का औपचारिक एलान आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल मीटिंग के बाद की जाएगी।

उन्होंने कहा, ''कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज 15 सितंबर को शुरू होगा। ऐसे में सीरीज खत्म होने के बाद खिलाड़ी सीधे दुबई आ सकते हैं। हम लोग इस पर अंतिम निर्णय गर्वनिंग काउंसिल की मीटिंग के बाद लेंगे।''

वहीं इससे पहले बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘पूरी संभावना है कि आईपीएल 19 सितंबर (शनिवार) को शुरू होगा और फाइनल आठ नवंबर (रविवार) को खेला जाएगा। इस तरह से यह 51 दिन तक चलेगा और यह फ्रेंचाइजी और प्रसारकों के अलावा अन्य हितधारकों के अनुकूल होगा। ’’ 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अक्टूबर नवंबर में होने वाली टी20 विश्व कप को स्थगित करने के फैसले के बाद आईपीएल का आयोजन संभव हो गया है। ऐसी अटकल लगायी जा रही थी आईपीएल 26 सितंबर से शुरू होगा लेकिन बीसीसीआई इसे एक सप्ताह पहले शुरू करना चाहता है ताकि भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर असर नहीं पड़े। 

उन्होंने कहा, ‘‘ इस 51 दिन के कार्यक्रम की अच्छी बात यह होगी कि इसमें एक दिन में दो मैचों का आयोजन कम होगा। सात सप्ताह तक टूर्नामेंट चलने से हम पांच दिन दो मैचों के आयोजन के मूल कार्यक्रम पर टिके रह सकते हैं। ’’ 

प्रत्येक टीम को अभ्यास के लिये एक महीने के समय की जरूरत पड़ेगी और ऐसे में फ्रेंचाइजी 20 अगस्त तक आयोजन स्थलों पर पहुंच जाएंगी। आईपीएल का आयोजन मार्च के आखिर से होना था लेकिन कोरोना वायरस महामारी और यात्रा पाबंदियों के चलते इसे अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया था । बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने हालांकि कहा था कि इस साल आईपीएल होगा ।

(with PTI inputs)



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श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया का हुआ बंटाधार, 5 साल बाद लगातार तीन मैचों में मिली हार

भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में जो ओल्ड ट्रैफर्ड के स्टेडियम में खेला गया उसमें 4 विकेट स...