La Liga: Real Madrid close to Spanish League title with win over Granada Image Source : GETTY IMAGES
मैड्रिड। रीयाल मैड्रिड ने ग्रेनाडा को 2-1 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा का खिताब जीतने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाये जिसके लिये उसे अब केवल दो अंक चाहिए। फरलैंड मेंडी और करीम बेंजेमा के पहले हाफ में किये गये गोल की बदौलत रीयाल मैड्रिड ने लगातार नौवीं जीत दर्ज की। इससे जिनेदिन जिदान की टीम दूसरे स्थान पर काबिज बार्सिलोना से चार अंक आगे हो गयी है जबकि अब केवल दो दौर के मैच बचे हुए हैं।
रीयाल मैड्रिड ने लीग की वापसी के बाद अपना प्रत्येक मैच जीता है। वह गुरुवार को विल्लारीयाल पर जीत से 2017 के बाद अपना पहला खिताब हासिल कर लेगा। बार्सिलोना अगर ओसासुना के खिलाफ अंक गंवा देता है तो तब भी रीयाल मैड्रिड का खिताब पक्का हो जाएगा। अंतिम दो दौर में ड्रा खेलने से भी रीयाल मैड्रिड लीग में रिकार्ड 34वां खिताब जीतने में सफल रहेगा।
रीयाल मैड्रिड के अभी 36 मैचों में 83 जबकि बार्सिलोना के इतने ही मैचों में 79 अंक हैं। रीयाल मैड्रिड ने ग्रेनाडा के खिलाफ शुरू से ही नियंत्रण बना दिया था। मेंडी ने दसवें मिनट में ही स्पेनिश क्लब की तरफ से अपना पहला गोल किया। इसके छह मिनट बाद बेंजेमा ने स्कोर 2-0 से कर दिया।
ग्रेनाडा की तरफ से डार्विन मैचिस ने 50वें मिनट में गोल करके हार का अंतर कम किया। इस बीच विल्लारीयाल की रीयाल सोसीडाड के हाथों 2-1 की हार से सेविला ने अपना चौथा स्थान सुनिश्चित करके चैंपियन्स लीग में भी जगह बनायी।
इस हार से विल्लारीयाल चौथे स्थान पर काबिज सेविला से नौ अंक पीछे हो गया है। चैंपियन्स लीग में जगह बनाने वाली अन्य टीमें रीयाल मैड्रिड, बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड हैं। एक अन्य मैच में गेटाफे ने अलावेस के साथ गोलरहित ड्रा खेला। इससे वह छठे स्थान पर बना हुआ है।
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World Cup 2019 England vs New Zealand Super Over ICC Rule Boundry Count Winner Image Source : GETTY IMAGES
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर आज ही के दिन मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप 2019 का फाइनल मुकाबला खेला गया था। यह वही मुकाबला है जिसने क्रिकेट प्रेमियों को आधी रात तक जागने पर मजबूर कर दिया था। मैच का रोमांच था ही इतना कि कोई इसे चाह कर भी नहीं छोड़ सकता था। दोनों ही टीमें अपना बेस्ट प्रदर्शन दे रही थी। इस वजह से इस मुकाबले को वनडे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ मुकाबलों में जगह दी गई है।
फाइनल मुकाबले में रनों का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने पहले इस मैच को टाई कर मुकाबले का रोमांच बढ़ाया। इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबानों को 242 रनों का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य को तो इंग्लैंड की टीम हासिल नहीं कर पाई, लेकिन बेन स्टोक्स (84*) की जुझारू पारी के दम पर इंग्लैंड न्यूजीलैंड के बराबर स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही थी।
इंग्लैंड जब रनों का पीछा कर रही थी तो अंपायरों ने भी एक गलत फैसला लिया जिसकी चर्चा भी कुछ दिनों तक गर्म रही थी। ये फैसला था ओवर थ्रो पर एक रन ज्यादा देने का। दरअसल मैच के आखिरी क्षणों में जब गप्टिल का एक थ्रो बैन स्टोक्स के बल्ले पर टकराकर बाउंड्री के पार चला गया था तो अंपायर कुमार धरमसेना ने उसे 6 रन करार दिए थे। 4 रन चौके के और 2 रन भागने के। लेकिन नियम के मुताबिक वह 5 ही रन होने चाहिए थे। बाद में कुमार धरमसेना ने अपनी इस गलती को स्वीकार भी किया था।
मैच टाई होने के बाद दोनों टीमों के बीच सूपर ओवर खेला गया, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि यह सूपर ओवर भी टाई हो जाएगा। वहीं अधिकतर लोगों को तो इस चीज से भी अंजान थे कि अगर सूपर ओवर भी टाई हो गया तो क्या होगा?
सूपर ओवर शुरू हुआ इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स और जॉस बटलर बल्लेबाजी करने आए वहीं गेंदबाजी की कमान ट्रेंट बोल्ट ने संभाली। इंग्लैंड के दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 6 गेंदों पर 15 रन जोड़े और न्यूजीलैंड को जीत के लिए 16 रन का लक्ष्य दिया। न्यूजीलैंड इस फाइनल में पहले ही दबाव में थी क्योंकि 2015 में भी ऑस्ट्रेलिया के हाथों उन्हें फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
इस लक्ष्य का पीछा करने के लिए न्यूजीलैंड ने अपने दो धाकड़ बल्लेबाज जिमी निशम और मार्टिन गप्टिल को भेजा। वहीं गेंदबाजी जॉफ्रा आर्चर के हाथों में थी। निशम ने पहली 5 गेंदों पर एक चौके की मदद से 14 रन बना लिए थे। आखिरी गेंद पर न्यूजीलैंड को दो रन की जरूरत थी और स्ट्राइक पर थे मार्टिन गप्टिल। आखिरी गेंद पर विकेट के बीच दो रन लेने के प्रयास में गप्टिल रन आउट हो गए और मैच एक बार फिर टाई हुआ।
इंग्लैंड के खिलाड़ी इस रन आउट के बाद से ही खुशी मनाने लग गए थे क्योंकि वह शायद आईसीसी के इस नियम से वाकिफ थे कि अगर सूपर ओवर भी टाई हो जाता है तो बाउंड्री के आधार पर विजेता टीम चुनी जाएगी। इंग्लैंड ने इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में सूपर ओवर मिलकर कुल 26 चौके-छक्के लगाए थे, वहीं न्यूजीलैंड के नाम 17 ही बाउंड्री थी। इस तरह इंग्लैंड ने पहली बार विश्व विजेता का ताज पहना, वहीं लगातार दूसरी बार फाइनल हारने के बाद न्यूजीलैंड की आंखे नम थी।
सूपर ओवर ड्रॉ होने के बाद बाउंड्री के आधार पर विजेता घोषित करने वाले आईसीसी के नियम की खूब आलोचना हुई थी। क्रिकेट के दिग्गजों का कहना था कि जब दोनों टीम एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही है तो कैसे बाउंड्री के आधार पर किसी को विजेता घोषित किया जा सकता है। कई दिनों तक चली इस आलोचना के बाद आईसीसी के इस नियम में बदलाव हुआ। अब नए नियम के अनुसार नॉकआउट मुकाबलों में अगर सूपर ओवर भी टाई होता है तो उसके बाद एक और सूपर ओवर होगा। सूपर ओवर का यह सिलसिला तब तक चलता रहेगा जब तक कोई टीम मुकाबला जीत नहीं जाती।
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With two games left, Real Madrid will be crowned champions if they beat Villarreal at home on Thursday regardless of how Barcelona fare at the Camp Nou against Osasuna.
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When Sourav Ganguly deliberately made other captains wait for the toss, Irfan Pathan told the whole thing Image Source : GETTY IMAGES
भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली को उनकी आक्रामक कप्तानी के लिए जाना जाता था। गांगुली किसी की परवाह किए बिना अपने कड़े फैसले लेते थे। कई बार वह टीम के लिए विपक्षी टीम के खिलाड़ियों से भिड़ भी जाया करते थे। गांगुली के बारे में आपको एक चीज याद होगी कि वह टॉस के दौरान विपक्षी टीम के कप्तानों को खूब इंतजार कराया करते थे। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ और इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन ने उनके खिलाफ शिकायत भी की थी।
हाल ही में भारतीय पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने गांगुली के टॉस में देरी से पहुंचने की कहानी बताई है। गांगुली की ही कप्तानी में इरफान पठान ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था।
स्टार स्पोर्ट्स के एक शो में पठान ने कहा ''ऑस्ट्रेलिया के मेरे पहले दौरे पर दादा ने स्टीव वॉ को टॉस के लिए इंतजार कराया था। मैं उस समय ड्रेसिंग रूम में था, जब टॉस का समय हो गया तो दादा घड़ी की तरफ देखने लगे। मैनेजर ने उन्हें टॉस के लिए याद दिलाया।''
पठान ने आगे कहा ''वह स्टीव वॉ का अंतिम टेस्ट था। सचिन भी गांगुली को टॉस के लिए जाने पर सहमत नहीं कर पाए। सचिन ने उनसे कहा था कि दादा टॉस का समय हो गया है आपको जाना चाहिए। लेकिन दादा अपने शूज, स्वेटर और कैप को एडजस्ट करने में समय गंवाते रहे। जब दूसरा आदमी टॉस के लिए इंतजार करता है तो दबाव उस पर होता है, दादा कभी जल्दबाजी में दिखाई नहीं दिए।''
Reliving some of the best Dada memories, especially the ones around toss time 😁
बता दें, हाल ही में श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा ने भी गांगुली का 2002 चैंपियंस ट्रॉफी का किस्सा साझा किया था। तब गांगुली बैन लगने के डर से श्रीलंका के ड्रेसिंग रूम में पहुंच गए थे।
संगकारा ने स्टार स्पोटर्स के शो पर कहा, "मुझे एक वनडे मैच का किस्सा याद है जहां उनका रसेल आर्नल्ड से विवाद हो गया था। मुझे लगता है कि दादा को अंतिम चेतावनी दी गई थी और अंपायर ने उनकी शिकायत की थी।"
उन्होंने कहा, "दादा हमारे ड्रेसिंग रूम में आए और हमसे बात की और कहा कि अगर यह चलता रहा तो वह प्रतिबंधित हो जाएंगे। हमने कहा था कि चिंता न करिए हम इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाएंग और उन्हें कुछ नहीं होगा।"
आर्नल्ड इस मैच में लगातार पिच के बीचों बीच दौड़ रहे थे और गांगुली बारबार उन्हें याद दिला रहे थे कि वह ऐसा न करें। इसमें अंपायर को दखल देना पड़ा था।
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पिछले साल सितंबर से ही शीर्ष चार में चल रहे लीस्टर सिटी की इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल प्रतियोगिता में बोर्नमाउथ के हाथों 4-1 से करारी हार से चैंपियन्स लीग में जगह बनाने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। बोर्नमाउथ पर दूसरी डिवीजन में खिसकने का खतरा मंडरा रहा है लेकिन इस जीत से उसने शीर्ष डिवीजन में बने रहने की उम्मीदें बरकरार रखी।
लीस्टर ने जेमी वार्डी के 23वें मिनट में किये गये गोल से बढ़त बनायी लेकिन बोर्नमाउथ ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की। उसकी तरफ से डोमिनिक सोलांके (67वें और 87वें मिनट) ने दो जबकि जूनियर स्टेनिसलास ने 66वें मिनट में पेनल्टी पर बराबरी का गोल किया था।
जॉनी इवान्स के 83वें मिनट में किये गये आत्मघाती गोल से भी लीस्टर को नुकसान पहुंचा। लीस्टर ने कोरोना वायरस महामारी के कारण लंबे विश्राम के बाद लीग की वापसी पर जो छह मैच खेले उनमें से केवल एक में जीत दर्ज की।
इन मैचों में उसने छह अंक हासिल किये और वह तीसरे से चौथे स्थान पर खिसक गया। उसके कोच ब्रेंडन रोजर्स ने बोर्नमाउथ के हाथों हार के बाद अपने प्रशंसकों से माफी भी मांगी। अगर मैनचेस्टर यूनाईटेड अगले मैच में साउथम्पटन को हरा देता है तो लीस्टर पांचवें स्थान पर खिसक जाएगा। अगर दूसरे स्थान पर चल रहे मैनचेस्टर सिटी पर से यूरोपीय लीग में खेलने का दो साल का प्रतिबंध नहीं हटता तो पांचवें स्थान की टीम भी चैंपियन्स लीग में जगह बना देगी।
वॉल्वरहैम्पटन भी पांचवें स्थान पर पहुंचने की कोशिश में लगा है। उसने रविवार को एवर्टन को 3-0 से हराया जिससे वह यूनाईटेड से अब केवल तीन अंक पीछे रह गया है। आर्सनल और टोटेनहैम यूरोपा लीग में जगह बनाने की दौड़ से भी बाहर निकलने की स्थिति में दिख रहे हैं।
टोटेनहैम ने हालांकि आर्सनल को 4-1 से हराकर आठवें स्थान पर अपनी स्थिति कुछ मजबूत की है लेकिन शैफील्ड यूनाईटेड इन दोनों से आगे सातवें स्थान पर है। इस बीच एस्टन विल्ला ने क्रिस्टल पैलेस को 2-0 से हराकर शीर्ष लीग में बने रहने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा।
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