Women's T20 WC IND vs AUS Final: These 5 players will be seen worldwide today Image Source : GETTY IMAGES
एक तरफ ऑस्ट्रेलिया की टीम इस मुकाबले को जीतकर पांचवीं बार ट्रॉफी उठाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी वहीं भारतीय टीम की नजरे पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने पर होगी। वैसे तो दोनों टीमों को फाइनल तक पहुंचाने में सभी खिलाड़ियों का हाथ रहा है, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिनका योगदान अधिक रहा है। यही खिलाड़ी आज फाइनल मुकाबले में भी अपनी टीम को जिताने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आइए इन खिलाड़ियों पर डालते हैं एक नजर-
शेफाली वर्मा
भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा महज अभी 16 साल की है, लेकिन वर्ल्ड कप में वो जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रही है उसे देखकर लग रहा है कि उन्हें काफी अनुभव है। शेफाली इस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में 161 रनों के साथ चौथे स्थान पर है। शेफाली ने 40.25 की बेहतरीन औसत और 161 के स्ट्राइकरेट से इतने रन बनाए हैं। फाइनल में भी शेफाली से टीम इंडिया के फैन्स को इसी प्रदर्शन को जारी रखने की उम्मीद रहेगी।
पूनम यादव
इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ियों की सूची में पूनम यादव 9 विकेट के साथ टॉप पर है। भारतीय बल्लेबाजी फेल होने के बाद पूनम यादव ने ही अपनी करिश्माई गेंदबाजी के जरिए भारत को जीत दिलाई है। चोट के बाद पूनम यादव ने सीधा वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में वापसी की। वापसी के बाद इतने बड़े टूर्नामेंट में परफॉर्म करना आसान नहीं होता, लेकिन हरमनप्रीत कौर के शब्दों ने पूनम यादव को अच्छा प्रदर्शन करने के लिये प्रेरित किया।
फाइनल से पहले पूनम ने बताया कि उदघाटन मैच में कप्तान हरमनप्रीत कौर के शब्दों ने उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिये प्रेरित किया। पूनम ने कहा ‘‘जब पहले ओवर में मेरी गेंद पर छक्का लगा तो वह (हरमनप्रीत) मेरे पास आयी और उसने कहा था पूनम तुम टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हो और हमें तुमसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के शब्दों ने मुझे अच्छा प्रदर्शन करने के लिये उत्साहित किया। मैंने खुद से कहा कि मेरी कप्तान का मुझ पर इतना अधिक भरोसा है और मुझे वापसी करनी चाहिए। मैंने अगली गेंद पर विकेट लिया और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।’’ आज भी पूनम से कुछ इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
बेथ मूनी और एलिसा हीली
ऑस्ट्रेलिया की सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी और एलिसा हीली ने लाजवाब बल्लेबाजी से सबको काफी प्रभावित किया है। एक तरफ बेथ मूनी अपनी लाजवाब टेकनीक और सूझ-बूझ वाली बल्लेबाजी के जरिए विपक्षी टीम के गेंदबाजों को खेलती है, वहीं एलिसा हीली आक्रामक होकर टीम के लिए रन जोड़ती है। दोनों ही बल्लेबाजों का ऑस्ट्रेलियाई टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान रहा है। मूनी ने जहां 5 मैचों में 181 रन बनाए हैं वहीं एलिसा के बल्ले से 5 मैचों में 161 रन निकले हैं। आज भारतीय टीम पर ये दोनों खिलाड़ी भारी पड़ सकती हैं।
मेगन शूट
ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज मेगन शूट ने भी इस वर्ल्ड कप में पूनम यादव के बराबर 9 विकेट लिए हैं। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी दो नॉकआउट मुकाबलों में शूट ने कुल 5 विकेट लिए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 17 रन देकर दो विकेट लिए थे। ये खिलाड़ी जानती है कि प्रेशर वाले मुकाबलों में किस तरह परफॉर्म करना है। भारत के लिए शूट आज परेशानी का विषय बन सकती है।
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भारत सरकार ने महिला सम्मान और उनके विकास के लिए देश भर में बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का अभियान चलाया था। जिसके बाद अब इस कड़ी में सरकार को एक और लाइन 'बेटी खिलाओ' भी शायद जोड़ लेना चाहिए। जो इस पंक्ति को पूरा करता है। यानी इसमें बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ के साथ इस महिला दिवस पर सरकार को 'बेटी खिलाओं' का नारा भी देश भर में गुंजायमान करना चाहिए। क्योंकि भारतीय महिलाओं ने हर एक क्षेत्र में खुद को साबित किया है। जिससे खेल भी छूता नहीं रहा।
खेलों में जैसे ही हम भारतीय महिलाओं का जिक्र करते हैं। हमारे दिमाग में सबसे पहले पीवी सिंधू, साइना नेहवाल, सानिया मिर्जा जैसे नाम आते हैं। लेकिन इनके अलावा साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, दीपिका पल्लीकल, जोशना चिन्नप्पा, डोला बनर्जी, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी, कुंजरानी देवी, एमसी मैरीकॉम, कोनेरु हंपी, हिना सिद्धू, अंजुम चोपड़ा, मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर, पीटी ऊषा, कृष्णा पूनिया, ज्योर्तिमय सिकदर, साईखोम मीराबाई चानू, मनु भाकर, मनिका बत्रा, अपूर्वी चंदेला, स्वप्ना बर्मन, हिमा दास, दुति चंद सहित कई अन्य महिलाओं ने खेलों की दुनिया में देश का नाम रोशन किया है।
इन सभी नामों को देख आप सोच रहे होंगे कि भारत जैसे विशाल देश में कई महिलाओं ने अपना नाम खेल में रोशन किया है। लेकिन एक समय था जब महिलाओं को खेलने से इस देश में मना किया जाता था। उस समय में कर्णम मल्लेश्वरी, पीटी ऊषा, और एमसी मैरीकॉम जैसी महिलाओं ने समाज को चुनैती देते हुए खेलों को चुना। जिसके बाद इन लोगों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज ये सभी महिलायें भारतीय खेलों के इतिहास में युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बनी हुई हैं। इस तरह आज महिला दिवस के ख़ास मौके पर हम आपको ही ऐसी कुछ महिला खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने तमाम बाधाओं को पार करते खेल जगत में कई कीर्तिमान अपने नाम किए।
अंजू बॉबी जॉर्ज
भारत को एथलेटिक्स जैसे मेहनती खेल में पदक दिलाने वाली पहली महिला अंजू बॉबी जॉर्ज थी। अंजू ने सितम्बर 2003, पेरिस में हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनसिप लंबी कूद में कांस्य पदक जीत कर भारत को पहली बार विश्वस्तर पर एथलेटिक्स में पदक दिलाया था। 2004 में अंजू बॉबी जॉर्ज को 'राजीव गाँधी खेल रत्न' सम्मान प्रदान किया गया।
पी. टी. उषा
पी। टी। उषा का पूरा नाम पिलावुळ्ळकण्टि तेक्केपरम्पिल् उषा है। उषा को एथलेटिक्स की रानी कहा जाता है। इन्होने एथलेटिक्स में पदकों का शतक यानी भारत के लिए 101 मैडल जीते हैं। वर्तमान में वे एशिया की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट मानी जाती हैं। पी। टी। उषा को उड़न परी भी कहा जाता है। इन्हें पद्मश्री और अर्जुन पुरूस्कार भी मिल चुका है।
कर्णम मल्लेश्वरी
कर्णम मल्लेश्वरी भारत की व्यक्तिगत पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता हैं। साल 2000 सिडनी ओलम्पिक में मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग की 69 किग्रा वर्ग प्रतिस्पर्धा में कांस्य जीता और ओलंपिक खेलों में मेडल जीतने वाली वो देश की पहली महिला बन गई। इतना ही नहीं 1993 में मल्लेश्वरी ने विश्व चैम्पियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया और उसके बाद 1994 और 1995 में 54 किग्रा डिवीजन में विश्व खिताब की एक श्रृंखला के साथ, 1996 में फिर से तीसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने 1994 और 1998 के एशियाई खेलों में दो सिल्वर भी हासिल किए, और 1999 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
मेरीकॉम
मैरी कॉम भारतीय महिला मुक्केबाज मैरी कॉम ओलंपिंक 2012 में कांस्य पदक जीतकर लंदन में भी भारत को मुस्कुराने का मौका दिया। पहली बार भारतीय बॉक्सर महिला यहां तक पहुंची थी इसके अलावा वे 5 बार वर्ल्ड चैम्पियनशीप जीत चुकी हैं। मेरी ने अपने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में ही कर दी थी। जिसके बाद से आज तक बॉक्सिंग रिंग में मैरिकॉम के मुक्के जारी है और देश को आगामी टोक्यों 2020 ओलंपिक में उनसे काफी उम्मीदें हैं।
सानिया मिर्जा
सानिया अब तक की भारत की सबसे सफल और शीर्ष पर कायम पहली महिला टेनिस खिलाड़ी है। सानिया ने 6 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था। शुरुआत में सानिया अपने आप ही टेनिस खेला करती थीं। सानिया मिर्जा को वर्ष 2004 में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें 2005 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2005 के अंत में उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 42 हो चुकी थी जो किसी भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा थी। 2009 में वह भारत की तरफ से ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
दूती चंद
दूती चंद भारत की पहली महिला समलैंगिक एथलीट हैं। जिन्होंने ट्रैक में अपनी स्पीड से सभी का दिल जीता है। हाल ही में उन्होंने पूरी दुनिया के सामने अपने प्यार का इजहार करते हुए कहा कि वो पिछले कुछ वर्षों से अपनी गृहनगर की एक लड़की के साथ रिश्ते में हैं यानी समलैंगिक हैं। जिसे बाद से वो चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दूती ने साल 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में भारत के लिए 100 मीटर व 200 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीता था। वो मुख्य तौर पर 100 मीटर, 200 मीटर व चार गुणा 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेती हैं। इस साल टोक्यो ओलम्पिक के लिए देश को दूती से काफी उम्मीदें हैं जिसके लिए वो कड़ी मेहनत करने में जुटी हुई हैं।
साइना नेहवाल
सायना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाडी है। वर्तमान में वह दुनिया की सबसे अच्छी महिला बैडमिंटन खिलाडी है तथा इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है। ओलंपिक्स खेलो में बैडमिंटन में मेडल जीतने वाली वह पहली भारतीय है। सायना ने 2015 की BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीता था और ऐसा करने वाली वह पहली महिला बनी थी।
पी. वी. सिन्धु
साइना नेहवाल के बाद देश को रियों ओलंपिक 2016 में बैडमिंटन में सिल्वर पदक दिलाने वाली पी। वी। सिन्धु पहली महिला हैं। इतना ही उन्होंने पिछले साल 2019 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मैडल जीतकर पूरे देश में अपने नाम का डंका बजवा दिया था। जिसके बाद से सभी सिंधु के नाम से वाकिफ है। इस तरह दमदार खेल के चलते सभी को आगामी 2020 टोक्यो ओलंपिक में सिंधु से 'सुनहरी' उम्मीदें यानी गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीदें हैं।
झूलन गोस्वामी
भारतीय महिला क्रिकेट के उत्थान में भारत की पूर्व महिला तेज गेंदबाज यानि 'नदिया एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर झूलन गोस्वामी का बड़ा योगदान है। सितंबर 2007 में इन्हें महिला क्रिकेट में विश्व को सबसे तेज गेंदबाज घोषित किया गया था। झूलन की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है जो विश्व महिला क्रिकेट में सर्वाधिक है। झूलन ने अपना पहला टेस्ट मैच लखनऊ में इंग्लैंड की टीम के विरुद्ध 2002 में खेला था तब वह केवल 18 साल की थी। इस तरह 2007 तक 8 टेस्ट मैच खेले जिसमें 33 विकेट हासिल किए झूलन कभी भी विकेट लेने में पीछे नहीं रही। झूलन कहती हैं कि ज्यादातर लोग नहीं जानते कि “महिलाएं भी क्रिकेट खेलती है लेकिन मीडिया के कवरेज के बाद भारत में महिला क्रिकेट को भी जाना गया।"
दीपा कर्माकर
दीपा कर्माकर ने 2016 रियो ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। किसी भी ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली वे पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट हैं, और पिछले 52 वर्षों में ऐसा करने वाली वे प्रथम भारतीय, पुरुष अथवा महिला, जिम्नास्ट हैं। दीपा जब 6 साल की थी, तभी से उसके पिता ने सोच लिया था कि वो इसे जिम्नास्ट बनाएँगे। लेकिन सपाट पैरों के कारण एथलीट के लिए पैर जमाना, भागना या कूदना आसान नहीं होता है। जिसके बावजूद दीपा ने इन चुनौतियों को पार करते हुए अपनी देश में अलग पहचान बनाई।
Burnley were dominant in the first half at Turf Moor, taking the lead through Chris Wood, but a much-improved Spurs battled back after the break to avoid a damaging third straight defeat.
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IPL should be organized later in view of Coronavirus: Maharashtra Health Minister Image Source : PTI
नागपुर। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को कहा कि देश भर में कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का आयोजन बाद में किया जाएगा। टोपे ने यहां संवाददाताओं से कहा, "जब बड़ी संख्या में लोग एक जगह जमा होते हैं तो संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने की आशंका रहती है। ऐसे (आईपीएल) आयोजनों के लिए यह सही समय नहीं है। इसे बाद में आयोजित किया जाना चाहिए।"
टोपे ने यह भी कहा कि आईपीएल को स्थगित करने के सम्बंध में आधिकारिक तौर पर बातचीत चल रही है और जल्द ही इस बारे में कोई घोषणा की जाएगी।
महाराष्ट्र के मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आईपीएल के शुरू होने में एक महीने से भी कम समय रह गया है। इसका आयोजन 29 मार्च से होने वाला है और पहले मैच में वानखेड़े स्टेडियम में मौजूदा चैम्पियन मुम्बई इंडियंस का सामना चेन्नई सुपर किंग्स से होगा।
मंत्री के बयान से ठीक एक दिन पहले बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि आईपीएल का आयोजन तय तारीख पर होगा और कोरोनावायरस से निपटने के लिए हरसम्भव कदम उठाए जाएंगे।
गांगुली ने इस सम्बंधमें पूछे गए सवाल पर साफ कर दिया कि आईपीएल 'ऑन' है और बोर्ड टूर्नामेंट के सुचारू आयोजन को लेकर हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मिले आधिकारिक आंकडों के मुताबिक अब तक भारत में कोरोनावायरस के 30 कन्फर्म्ड मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से ईएसपीएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बोर्ड सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोरोनावायरस के सम्बंध में हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
इस सम्बंध में सभी स्टेकहोल्डर्स, खिलाड़ियों, फ्रेंजाइजी, एअरलाइंस, टीम होटल्स, ब्राडकास्टिंग क्रू और इस लीग से जुड़े सभी पक्षों को जरूरी सावधानी और ऐहतियात बरतने के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा जाएगा।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि खिलाड़ियों से कहा जाएगा कि वे फैन्स से हाथ न मिलाएं और ऐसे किसी डिवाइस से पिक्चर क्लिक न करें, जो उनका न हो।
कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में अब तक लगभग 3 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके बढ़ते खतरे के कारण कई खेल आयोजन रद्द कर दिए गए हैं। इसे लेकर ओलंपिक के आयोजन पर भी सवालिया निशन लग गए हैं, जिसका आयोजन इस साल जुलाई-अगस्त में जापान की राजधानी टोक्यो में होना है।
Road Safety World Series: After winning the opening match, Sachin Tendulkar said 'I am glad this tournament is happening' Image Source : PTI
भारत लेजेंड्स और वेस्टइंडीज लेजेंड्स के बीच कल रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले को सचिन तेंदुलकर की अगवाई वाली भारत लेजेंड्स ने 7 विकेट से जीता। भारत की इस जीत में अहम भूमिका पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने निभाई जिन्होंने 57 गेंदों पर 74 रनों की शानदार पारी खेली। इस मैच में सचिन तेंदुलकर भी अपने पुराने रंग में दिखे, उन्होंने 29 गेंदों पर 36 रन बनाए।
मैच जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर ने कहा "पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ देखना शानदार था। 2013 के बाद यहां वापस आना विशेष है। खेल के दौरान माहौल गुलजार था। हमें खुद का आनंद लेकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है। मैंने ऑस्ट्रेलिया में एक ओवर खेला, लेकिन मुझे वहां खेलते हुए सब कुछ उधार लेना पड़ा। मुझे खुशी है कि यह टूर्नामेंट हो रहा है, यह जागरूकता के बारे में है। वाहन चलाते समय आप चीजों की अनुमति नहीं दे सकते, आपको जागरूक रहने और नियमों का पालन करने की आवश्यकता है।"
इस मैच में भारतीय पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने एक लाजवाब कैच पकड़ा। 41 साल की उम्र में जहीर खान को ऐसा कैच पकड़ता देख फैन्स समेत सचिन तेंदुलकर भी हैरान थे।
जहीर की कैच के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा "जहीर खान मुझे बिल्कुल नहीं सुन सकता था, लेकिन यह उसके द्वारा एक शानदार कैच था। हमें उस कैच की वजह से आज रात जश्न मनाने की जरूरत है। इस माध्यम से, खेल में सभी को एक साथ लाने की शक्ति होती है। हालांकि भारत नहीं खेल रहा है, लेकिन फैंस को बाहर आना चाहिए और हमारा समर्थन करना चाहिए।"
वहीं 74 रनों की विस्फोटक पारी खेलने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने कहा "ये वह चीज है जब आप तेंदुलकर के साथ करते हैं, उन्होंने मुझे अंत तक बल्लेबाजी करने के लिए कहा। वह पिछले दो दिनों से हमें कड़ी मेहनत और मैदान पर बल्लेबाजी करने के लिए प्रेरित कर रहे थे, इसलिए मैंने उनके कहे अनुसार चलने की कोशिश की। विकेट अच्छा नहीं था, गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी। टिनो बेस्ट अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कर रहे थे, वह तेजी से गेंद फेंक रहे थे। हर कोई हमें देख रहा है, हम हेलमेट, गार्ड, पैड पहन रहे हैं, इसी तरह आपको नियमों का पालन करना होगा और सड़कों पर अच्छी तरह से सुरक्षित गियर लगाना होगा।"
वेस्टइंडीज के कप्तान ब्रायन लारा ने मैच हारने का कारण सहवाग और सचिन के बीच हुई साझेदारी को बताया। लारा ने मैच के बाद कहा "यह अद्भुत समय और एक शानदार मैच था। हम अब अन्य खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं। हमारे कई खिलाड़ी कुछ दिन पहले यहां पहुंचे थे, लेकिन हम आगामी मैचों में सुधार करने की कोशिश करेंगे। मुझे लगता है कि संदेश स्पष्ट है कि हम यहां भारत में सड़क सुरक्षा के लिए खेल रहे हैं हैं। फैन्स का समर्थन अद्भुत था, यह मुझे 15-16 साल पिछे ले गया जब मैं खेला करता था। यह एक सुंदर बल्लेबाजी ट्रैक था, इसलिए जब आप वहां होते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत है। सचिन और सहवाग के बीच साझेदारी ने हमें खेल से बाहर कर दिया था।"
India vs Australia T20 World Cup Final Live Streaming : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला टी20 वर्ल्ड कप 2020 का फाइनल मुकाबला एमसीजी में रविवार को महिला दिवस के दिन खेला जाएगा। Image Source : GETTY IMAGES
मेलबर्न। पहली बार खिताबी मुकाबले में उतर रही भारतीय महिला टीम बड़े मैचों के दबाव से उबरकर रविवार को यहां मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर रिकार्ड दर्शकों के सामने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी महिला टी20 विश्व कप फाइनल में नया इतिहास रचने के लिये उतरेगी। भारत ने ग्रुप चरण में अजेय रहते हुए फाइनल में जगह बनायी। उसने ग्रुप चरण में अपने चारों मैच जीते जिसमें टूर्नामेंट के उदघाटन मैच में चार बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दर्ज की गयी 17 रन की जीत भी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल बारिश की भेंट चढ़ जाने के बाद हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ग्रुप ए में शीर्ष पर रहने के कारण पहली बार फाइनल में पहुंची। भारत की सफलता में 16 साल की शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन के दबदबे वाले गेंदबाजी आक्रमण के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने अहम भूमिका निभायी है। लेकिन अगर भारत को पहली बार आईसीसी ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचना है तो स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत जैसी स्टार बल्लेबाजों को भी उपयोगी योगदान देना होगा।
यहां जानिये मैच से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां :-
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला कब खेला जाएगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला 8 मार्च (रविवार) को खेला जाएगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला कहां खेला जाएगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला कितने बजे शुरू होगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा। टॉस 12 बजे होगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला टीवी पर कैसे देख सकते हैं?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 का फाइनल मुकाबला आप टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और दूरदर्शन पर देख सकते हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 के फाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग कहां देख सकते हैं?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 के फाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग आप Hotstar और Jiov TV पर देख सकते हैं। लाइव कमेंट्री और मैच से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स आप इंडिया टीवी के लाइव ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं।
Davis Cup: India trails Croatia by 1-3 even after Bopanna and Paes win Image Source : GETTY IMAGES
जागरेब। रोहन बोपन्ना और लिएंडर पेस की युगल जोड़ी ने डेविस कप टेनिस क्वालीफायर में शीर्ष वरीय क्रोएशिया के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले को जीतकर शनिवार को भारत की वापसी करायी लेकिन सुमित नागल की मारिन सिलिच के हाथों हार के चलते भारत डेविस कप क्वालिफायर में क्रोएशिया से 1-3 से पिछड़ गया। नागल मैच में केवल एक ही गेम जीत सके।
सिलिच ने महज 56 मिनट में उन्हें 6-0 और 6-1 से हरा दिया। पेस और बोपन्ना की अनुभवी जोड़ी ने दो घंटे 21 मिनट तक चले मुकाबले में क्रोएशिया के मेट पैविक और फ्रेंको स्कोगर की जोड़ी को 6-3, 6-7, 7-5 से हराया। डेविस कप युगल मुकाबले में 46 साल के पेस की यह 45वीं जीत है।
पेस ने 2020 सत्र के बाद संन्यास की घोषणा की है जिससे यह उनका आखिरी डेविस कप मुकाबला हो सकता है। इससे पहले एकल में शुक्रवार को प्रजनेश गुणेश्वरन और रामकुमार रामनाथन को हार का सामना करना पड़ा था।